गुवाहाटी : असम में कोरोना मरीज की मौत के बाद गुस्साये परिजनों ने एक डॉक्टर को बुरी तरह से पीट दिया. इसके बाद कई स्थानों पर मेडिकल स्टाफ ने प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिसवा ने जांच के आदेश दे दिये हैं. जबकि प्रदर्शन करे डॉक्टर्स और पारा मेडिकल स्टाफ की मांग है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए. उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण के दौर में भी मेडिकल स्टाफ सेवा दे रहे हैं और बदले में उन्हें पीटा जा रहा है.
असम के होजाई में एक कोविड अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर सोज कुमार सेनापति को पीटा गया है. उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि जब सुबह वह अस्पताल पहुंचे तो एक मरीज के बारे में उनके परिजनों ने बताया कि उसने सुबह से एक बार भी पेशाब नहीं किया है. उन्होंने जब चेक किया तो मरीज की मौत हो चुकी थी. इतना सुनते ही परिजन गंदी गालियां देने लगे और उन्हें पीटने लगे.
इस घटना का एक वीडियो जब एक अन्य डॉक्टर कमल देबनाथ के हाथ लगा तो उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को टैग करते हुए वीडियो शेयर किया. उन्होंने लिखा कि देख लीजिये असम में फ्रंटलाइन वर्कर्स की क्या हालत है. हम अक्षमता का बोझ उठा रहे हैं. इसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया. वीडियो के वायरल होते ही मुख्यमंत्री हरकत में आए.
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मुख्यमंत्री सरमा ने मामले की तुरंत जांच के आदेश दे दिये और कहा कि फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ ऐसा व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने जांच का जिम्मा असम के स्पेशल डीजीपी जीपी सिंह को सौंपा है. इस मामले में डीजीपी सिंह ने आज तक को बताया कि घटना में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जल्द ही सभी आरोपी हिरासत में होंगे.
घटना के बाद गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के चिकित्साकर्मियों ने बैनर पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया है. सभी ने सरकार से सुरक्षा और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है. डॉक्टर की पिटाई से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) खासा नाराज है और गृहमंत्री अमित शाम पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है. यह पहली घटना नहीं है जब स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला हुआ है. आए दिन ऐसी घटनाएं अस्पतालों में होते रहती हैं.
