2021 में ‘कच्चू’ मिला, 2026 में ‘घेंचू’ मिलेगा, अमित शाह के आरोपों से भड़कीं ममता बनर्जी का तीखा वार

West Bengal Politics: बंगाल चुनाव 2026 से पहले सियासत गरम है. अमित शाह ने कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाये, तो ममता बनर्जी ने बांकुड़ा से उन पर तीखा पलटवार किया. कहा कि 2021 में ‘कच्चू’ मिला, इस बार ‘घेंचू’ मिलेगा. चुनाव से पहले घुसपैठ, भ्रष्टाचार और बहुमत के दावों के बीच शब्दों की जंग तेज हो गयी है.

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा बाकी है, लेकिन सियासी जंग तेज हो गयी है. राजधानी कोलकाता से करीब 180 किलोमीटर दूर बांकुड़ा जिले से वेस्ट बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने देश के गृह मंत्री पर तीखा वार किया. अमित शाह और भाजपा पर निशाना साधने के लिए दीदी ने जिन 2 शब्दों का चयन किया, लोग उसका मतलब तलाशने लगे. तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने खुद पूछा कि इसको अंग्रेजी में क्या कहते हैं.

बांकुड़ा के बरजोड़ा से ममता बनर्जी ने किया पलटवार

ममता बनर्जी ने बांकुड़ा के बरजोड़ा में जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, वे हैं- कच्चू और घेंचू. ममता बनर्जी ने कहा कि 2021 में ‘कच्चू’ मिला, 2026 में ‘घेंचू’ मिलेगा. इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर घुसपैठ, भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और विकास परियोजनाओं में बाधा डालने जैसे आरोप लगाये. सीमा सुरक्षा से लेकर चिटफंड घोटाला और पशु तस्करी तक के आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि इस बार बंगाल में दो तिहाई बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनेगी.

अमित शाह को दिलायी ‘अबकी बार 200 पार’ के नारे की याद

अमित शाह के प्रेस कॉन्फ्रेंस के खत्म होने के बाद बांकुड़ा जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने गृह मंत्री पर पलटवार किया. एक-एक बिंदु पर शाह को जवाब दिया. इसी रैली में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) की सबसे बड़ी नेता ने 2021 में भाजपा के नारे ‘अबकी बार 200 पार’ की याद दिलायी. कहा- पिछली बार आपको कच्चू मिला था, इस बार घेंचू मिलेगा. ‘कच्चू’ और ‘घेंचू’ शब्दों के जरिये उन्होंने भाजपा की दावेदारी का मजाक उड़ाया. उन्होंने हल्के अंदाज में पूछा- घेंचू का अंग्रेजी क्या होगा?

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

हमारे लोग भ्रष्ट हैं, तो कार्रवाई कीजिए – ममता बनर्जी

अमित शाह ने तृणमूल पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया, तो ममता बनर्जी ने कहा- अगर हमारे लोग भ्रष्ट हैं, तो कार्रवाई कीजिए. बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने भाजपा पर भी अपने नेताओं को बचाने के आरोप लगाये. साथ ही वंशवाद के मुद्दे पर भी सवाल उठाया. दोनों नेताओं के बीच शब्दयुद्ध इस बात का संकेत है कि बंगाल चुनाव 2026 की लड़ाई अब मुद्दों के साथ-साथ भाषा और प्रतीकों की भी होगी.

इसे भी पढ़ें

राहुल सिन्हा का ममता बनर्जी पर हमला, टीएमसी के 4 राज्यसभा उम्मीदवारों में 50 प्रतिशत बंगाली नहीं

बंगाल में CAA का काम होगा तेज, अमित शाह ने गठित की दो और समिति

अभिषेक बनर्जी के गढ़ में गरजे अमित शाह- टीएमसी ने बंगाल को घुसपैठियों का स्वर्ग बना दिया

अमित शाह का ‘परिवर्तन पैकेज’: 45 दिन में DA, 7वां वेतन आयोग और सरकारी नौकरी, ममता बनर्जी सरकार पर सीधा हमला

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >