मुख्य निर्वाचन अधिकारी का आज घेराव करेंगी लेफ्ट पार्टियां, जानें क्यों

SIR Bengal: इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की पश्चिम बंगाल यात्रा से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के खिलाफ विरोध तेज हो गया है. बंगाल में वोटर लिस्ट के प्रकाशन के विरोध में ममता बनर्जी के धरना से पहले वामदल आज मुख्य निर्वाचन अधिकारी का घेराव करने जा रहे हैं.

SIR Bengal: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) मुख्य निर्वाचन अधिकारी का घेराव करेगी. माकपा की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव मोहम्मद सलीम ने यह जानकारी दी है. उन्होंने कहा है कि विभिन्न वाम दल आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सही मतदाता सूची प्रकाशित करने की मांग करते हुए बुधवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय तक मार्च निकालेंगे.

निर्वाचन आयोग बन गया निर्जातन आयोग – मो सलीम

मोहम्मद सलीम ने दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की वजह से बड़े पैमाने पर लोगों को उत्पीड़न झेलना पड़ा. उन्होंने दावा किया कि ‘निर्वाचन आयोग’ अब ‘निर्जातन (उत्पीड़न) आयोग’ में बदल गया है. निर्वाचन आयोग ने 28 फरवरी को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची प्रकाशित की, जिसमें 63.66 लाख नाम हटाये गये. यह संख्या राज्य के कुल मतदाताओं का 8.3 प्रतिशत है.

बंगाल में 60 लाख से अधिक वोटर विचाराधीन

इससे विधानसभा चुनाव 2026 से पहले पश्चिम बंगाल में मतदाताओं की संख्या घटकर मात्र 7.04 करोड़ रह गयी है. इसके अलावा 60.06 लाख से अधिक मतदाताओं को ‘विचाराधीन’ श्रेणी में रखा गया है, जिनकी आगामी हफ्तों में जांच की जायेगी. सलीम ने पूर्व बर्धमान जिले में माकपा कार्यालय में पत्रकारों को बताया कि एसआईआर के नाम पर एक सुनियोजित साजिश रची गयी है.

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चुनाव आयोग से सही मतदाता सूची प्रकाशित करने की मांग करेंगे वाम दल

माकपा नेता ने कहा कि वाम मोर्चा के घटक दल बुधवार को कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय तक मार्च निकालेंगे और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग से सही मतदाता सूची प्रकाशित करने की मांग करेंगे.

माकपा का दावा – एसआईआर की नहीं थी जरूरत

सलीम ने दावा किया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संभाल रहे निर्वाचन आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया को जटिल बना दिया है. बड़ी संख्या में लोगों को तनावग्रस्त कर दिया है. सलीम ने कहा कि एसआईआर की कोई जरूरत नहीं थी. उन्होंने निर्वाचन आयोग से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाये.

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By Mithilesh Jha

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