Assam Flood: असम में बाढ़ से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. सिर्फ नगांव जिले में 147 गांव जलमग्न हो गये हैं. 2.88 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आ गये हैं. असम आपदा प्रबंधन प्राधिकार (ASDMA) ने गुरुवार को यह जानकारी दी है.
बाढ़ की पहली लहर में ही लोगों की दुर्गति
असम आपदा प्रबंधन प्राधिकार ने कहा है कि बाढ़ की पहली लहर में ही लोगों की दुर्गति हो गयी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोरकोला और दखिनपात के हजारों लोग बेघर हो गये हैं. ये दोनों गांव क्रमश: राहा और नगांव रेवेन्यू सर्किल में आते हैं.
घर हो गये हैं जलमग्न
इन दोनों गांवों के लोगों के घरों में पानी घुस गया है. लोगों को किसी अन्य जगह पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है. आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों ने लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है.
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9742.57 हेक्टेयर में लगी फसल जलमग्न
आपदा प्रबंधन प्राधिकार ने बताया है कि नगांव जिला में 9742.57 हेक्टेयर में लगी फसल जलमग्न हो गयी है. असम में बाढ़ से ऐसे हालात उत्पन्न हुए हैं, क्योंकि भारी बारिश की वजह से कोपिली नदी का जलस्तर बढ़ गया है. इसकी वजह से राज्य के हालात और बदतर हो गये हैं.
कोपिली नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पार
कोपिली नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से कई और इलाके जलमग्न हो गये हैं. नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है. यही वजह है कि जिला के कई नये इलाके डूब गये हैं. ऐसा नहीं है कि सिर्फ खेत और मकान ही जलमग्न हुए हैं. कामपुर इलाके की सड़कें भी जलमग्न हो गयीं हैं.
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DIPA की दूरसंचार सेवाओं के सुचारु संचालन के उपाय करने की मांग
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (DIPA) ने बाढ़ प्रभावित असम में सुचारु रूप से दूरसंचार सेवाओं के संचालन और संपर्क (कनेक्टिविटी) के साथ कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए समय पर उपाय करने की मांग की है. दीपा ने पूर्वोत्तर राज्य में बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर असम के मुख्य सचिव जिष्णु बरुआ को पत्र लिखकर अपनी बात रखी है.
