Air Ticket: जानिए किस सीजन में महंगी होती है हवाई टिकट की कीमत? सिंधिया ने बताया उतार-चढ़ाव का कारण

Air Ticket: त्योहारी सीजन के दौरान हवाई टिकट का मूल्य बढ़ जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यह समझना महत्वपूर्ण है कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र एक मौसमी उद्योग है. उन्होंने कहा कि इसकी मांग में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. उन्होंने कहा कि अक्टूबर में त्योहारों का मौसम शुरू होता है.

Air Ticket: नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि हवाई टिकट की कीमतें मौसम पर निर्भर करती हैं और यात्री अग्रिम बुकिंग कर कम कीमत में टिकट खरीद सकते हैं. सिंधिया ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए कहा कि नागर विमानन क्षेत्र एक विनियमित क्षेत्र है और सरकार का मार्ग विस्तार पर नियंत्रण नहीं है क्योंकि यह विमानन कंपनियों पर निर्भर करता है.

नागरिक उड्डयन क्षेत्र एक मौसमी उद्योग है

त्योहारी सीजन के दौरान हवाई टिकट का मूल्य बढ़ जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यह समझना महत्वपूर्ण है कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र एक मौसमी उद्योग है. उन्होंने कहा कि इसकी मांग में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. उन्होंने कहा कि अक्टूबर में त्योहारों का मौसम शुरू होता है और फरवरी तक नागरिक उड्डयन क्षेत्र में मांग का स्तर उच्च होता है और फिर थोड़ी कमी आती है. उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान मांग में कमी आती है.

‘कोविड के दौरान यह क्षेत्र दुनिया के किसी भी उद्योग के लिए सबसे खराब दौर से गुजरा’

मंत्री ने कहा कि यह समझना होगा कि कोविड महामारी के दौरान यह क्षेत्र दुनिया के किसी भी उद्योग के लिए संभवत: सबसे खराब दौर से गुजरा. उन्होंने कहा कि टिकट के मूल्य निर्धारण में एयर टर्बाइन ईंधन (हवाई ईंधन) एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटक है और इस पर खर्च करीब 50 प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि कोविड से पहले इसकी कीमत 35,000 रुपये से 40,000 रुपये प्रति किलोलीटर थी जो अब 1,17,000 रुपये प्रति किलोलीटर तक हो गई है.

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अमृतसर और चंडीगढ़ से लगभग सात देशों के लिए है अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी

उन्होंने कहा कि अमृतसर और चंडीगढ़ से लगभग सात देशों ब्रिटेन, कतर, दुबई, मलेशिया, शारजाह, सिंगापुर और इटली के लिए अंतरराष्ट्रीय ‘कनेक्टिविटी’ है. सिंधिया ने कहा कि हवाई सेवा यातायात समझौतों में हम भारत में सिर्फ छह महानगरों को कनेक्टिविटी देते हैं. उन्होंने कहा, ‘हम अपने देश को उनके लिए नहीं खोल सकते. हमें भारतीय विमानन कंपनियों को भी मजबूत करना चाहिए. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब भारतीय विमानन कंपनियों को बड़े विमान मिल रहे हैं. हम सीधे संपर्क के मामले में दुनिया भर में अपना भारतीय ध्वज फहराने जा रहे हैं.’

इनपुट: भाषा

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By Aditya kumar

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