Afghan Crisis अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जा के बाद वहां की स्थिति को लेकर भारत में रहने वाले अफगानी चिंतित है और वतन में रहने वाले अपने परिवार और दोस्तों की सलामती के लिए प्रार्थना की है. वहीं, अफगान संकट पर खान अब्दुल गफ्फार खान की पोती यास्मीन निगार खान ने चिंता जाहिर करते हुए बड़ी बात कही है.
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, खान अब्दुल गफ्फार खान की पोती और अखिल भारतीय पख्तून जिरगा-ए-हिंद के अध्यक्ष यास्मीन निगार खान ने आज कोलकाता में कहा कि तालिबान ने बिना किसी लड़ाई के सत्ता संभाल ली है. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के बाद भारत में रहने वाले अफगानी अपने परिवारों को लेकर चिंतित हैं. बीते 1-2 दिनों से स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है.
यास्मीन निगार खान ने तालिबान पर भरोसा नहीं किए जाने की बात करते हुए कहा कि वे अभी कुछ कह सकते हैं और अगले दिन कुछ और कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में हम भारत के प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बाकी दुनिया से सिर्फ अपील कर सकते हैं कि जिस तरह से उन्होंने सीरिया, फिलिस्तीन और अन्य युद्धग्रस्त देशों की देखभाल की, उन्हें अफगानिस्तान को भी देखना चाहिए.
अफगान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के वतन छोड़ने पर यास्मीन निगार ने कहा कि नेताओं ने देश छोड़ दिया, लेकिन आम लोग, गरीब, महिलाएं, बच्चे बलिदान दे रहे हैं. ऐसे माहौल में उनके देखभाल की जरूरत है. मालूम हो कि तालिबान के एक अधिकारी ने अफगानिस्तान में सभी के लिए आम माफी का ऐलान करते हुए महिलाओं से सरकार में शामिल होने की गुजारिश की. उन्होंने कहा कि इस्लामी अमीरात नहीं चाहता है कि महिलाएं पीड़ित हों. तालिबान अफगानिस्तान के लिए इस्लामी अमीरात का इस्तेमाल करता है.
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