Ahmedabad Sabarmati River Murder Mystery: अहमदाबाद में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें करीब 9 साल तक एक महिला की मौत को हादसा माना जाता रहा, लेकिन अब पुलिस जांच में इस हत्या की साजिश का खुलासा हुआ है. 2017 में साबरमती नदी से मिली एक अज्ञात महिला की लाश की पहचान अब कोमल सोलंकी के रूप में हुई है. पुलिस ने उसके पति मिनेश सोलंकी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, मिनेश ने कथित तौर पर पत्नी की हत्या करने के बाद उसे गुमशुदा बताने की कोशिश की थी.
मामला साल 2017 का है. 31 वर्षीय पेशे से दर्जी मिनेश दिनेश भाई सोलंकी ने पुलिस को बताया था कि उसकी 20 वर्षीय पत्नी कोमल 25 जून 2017 को लापता हो गई है. मिनेश ने अगले दिन यानी 26 जून को अहमदाबाद के कालूपुर पुलिस थाने में पत्नी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी.
कोमल के गायब होने के कुछ घंटे बाद ही साबरमती रिवरफ्रंट के पास नदी से एक महिला का शव बरामद हुआ था. रिवरफ्रंट वेस्ट पुलिस स्टेशन में इसे आकस्मिक मौत का मामला मानकर दर्ज किया गया था. उस समय महिला की पहचान नहीं हो पाई थी, इसलिए शव को अज्ञात मानकर रखा गया. पुलिस ने शव की तस्वीरें सुरक्षित रखीं और करीब दो हफ्ते बाद पहचान नहीं होने पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया.
नौ साल बाद ऐसे खुला हत्या का राज
मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब क्राइम ब्रांच को एक सूचना मिली. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को पता चला कि मिनेश ने शराब पीते समय एक दोस्त के सामने अपनी पत्नी की हत्या की बात कही थी. जांचकर्ताओं के मुताबिक, मिनेश को यह डर भी सता रहा था कि कोमल का “श्राप” उसका नुकसान कर सकती है.
इस सूचना के बाद क्राइम ब्रांच ने पुराने मामले की दोबारा जांच शुरू की. पुलिस ने तकनीकी सबूतों, गवाहों के बयान और खुफिया जानकारी के आधार पर 25 जून 2017 की पूरी घटना को फिर से जोड़ने की कोशिश की और आरोपी पकड़ा गया. अब पुलिस इस मामले में और सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है ताकि अदालत में केस को मजबूत किया जा सके.
पुलिस का दावा- शादी के चार महीने बाद ही बना ली थी हत्या की योजना
कोमल और मिनेश अहमदाबाद के कालूपुर इलाके में रहते थे. पुलिस के मुताबिक, शादी के बाद दोनों के बीच घरेलू मामलों को लेकर अक्सर विवाद होते थे. जांचकर्ताओं का दावा है कि शादी के सिर्फ चार महीने बाद ही मिनेश ने कथित तौर पर पत्नी को खत्म करने का फैसला कर लिया था.
25 जून 2017 को अहमदाबाद की रथ यात्रा के दिन मिनेश कोमल को घूमने के बहाने घर से बाहर ले गया. दोनों दिनभर शहर के अलग-अलग हिस्सों में घूमते रहे और देर रात साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे. पुलिस का आरोप है कि वहां बातचीत के दौरान मिनेश ने कोमल को नदी में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई.
गवाह ने सालों बाद खोला मुंह
जांच में पुलिस को एक ऐसे गवाह के बारे में जानकारी मिली, जो कथित घटना के समय वहां मौजूद था. पुलिस के मुताबिक, यह गवाह कई सालों तक चुप रहा, लेकिन नई जानकारी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने उसे तलाशा और उसका बयान दर्ज किया.
गवाह ने कथित तौर पर बताया कि उसने मिनेश को कोमल को नदी में फेंकते देखा था और उसे चुप रहने के लिए धमकाया गया था. यह बयान जांच में अहम कड़ी साबित हुआ. करीब एक दशक तक एक हादसे के रूप में दर्ज रही यह घटना अब हत्या की जांच में बदल चुकी है.
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गुमशुदगी की शिकायत को पुलिस ने बताया साजिश का हिस्सा
पुलिस का कहना है कि हत्या के अगले ही दिन मिनेश कालूपुर थाने पहुंचा और पत्नी के गायब होने की फर्जी शिकायत दर्ज कराई. यह शिकायत पुलिस को गुमराह करने और हत्या को छिपाने की कोशिश थी.
पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड और उस समय खींची गई तस्वीरों की मदद से शव की पहचान की. कोमल के पिता ने पुलिस द्वारा सुरक्षित रखी गई तस्वीरों के आधार पर अपनी बेटी की पहचान की. चूंकि, फोटो दो दिन बाद ही खींची गई थी, इसलिए पहचान करना आसान था. जिसके बाद नदी से मिले शव और 2017 में दर्ज गुमशुदगी के मामले के बीच संबंध स्थापित हो गया.
आरोपी मिनेश सोलंकी गिरफ्तार
जांच पूरी होने के बाद क्राइम ब्रांच ने 31 वर्षीय मिनेश सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में मिनेश ने हत्या की बात कबूल की है. इसके बाद उसे आगे की जांच के लिए साबरमती रिवरफ्रंट वेस्ट पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया.
