उबर रेप मामला : चालक के खिलाफ 3 नवंबर को सुनायी जा सकती है सजा

नयी दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत उबर कैब दुष्कर्म मामले में आज दोषी के खिलाफ सजा तय करनी थी, लेकिन दलील नहीं सुन पाये जाने के कारण कोर्ट ने 3 नवंबर तक के लिए स्‍थगित कर दिया है. फैसला अब 3 नवंबर को आ सकता है. टैक्सी में 25 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार […]

नयी दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत उबर कैब दुष्कर्म मामले में आज दोषी के खिलाफ सजा तय करनी थी, लेकिन दलील नहीं सुन पाये जाने के कारण कोर्ट ने 3 नवंबर तक के लिए स्‍थगित कर दिया है. फैसला अब 3 नवंबर को आ सकता है. टैक्सी में 25 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार के इस मामले में चालक को दोषी ठहराया गया है. महिलाओं के खिलाफ यौन अपराध के मामलों की सुनवाई के लिए बनाये गये विशेष फास्ट ट्रैक अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने 20 अक्तूबर को 32 वर्षीय शिव कुमार यादव को बलात्कार और पीडिता के जीवन को खतरे में डालने का दोषी पाया था. इस मामले की कार्यवाही के लिए नियुक्त किये गये विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि वह संशोधित दुष्कर्म कानून के तहत अधिकतम सजा की मांग करेंगे.

नये प्रावधानों के तहत ऐसे मामलों में दोषी को अधिकतम आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा सकती है. सजा की अवधि पर दलीलों को सुनने के बाद अदालत अपना आदेश सुनायेगी. यादव को भादंसं की धारा 376 (2)(एम), 366, 506 और धारा 323 के तहत दोषी ठहराया गया. अभियोजन पक्ष के अनुसार यह घटना पिछले वर्ष के पांच दिसंबर की है जब गुडगांव में काम करने वाली एक फाइनेंस एक्जीक्यूटिव उत्तर पश्चिम दिल्ली के इंद्रलोक स्थित अपने घर लौट रही थी. इसने अदालत को बताया कि यादव ने लडकी को कई बार थप्पड मारा और उसका गला दबाया. अदालत द्वारा यादव को दोषी ठहराये जाने के बाद पीडित के पिता ने इस बात को लेकर संतुष्टि जाहिर किया कि उनकी बेटी के साथ न्याय हुआ.

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