नेहरू मेमोरियल सोसाइटी हुआ कांग्रेसमुक्त, खड़गे सहित तीन कांग्रेसी नेता बाहर, अमित शाह की इंट्री
नयी दिल्लीः केंद्रीय सांस्कृतिक मंत्रालय ने नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी (एनएमएमएल) सोसाइटी का पुनर्गठन किया है. नेहरू म्यूजियम सोसाइटी का हिस्सा कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, करण सिंह और जयराम रमेश अब नहीं होंगे. मंगलवार को ही इस सोसाइटी का नए सिरे से गठन हुआ जिसमें गृहमंत्री अमित शाह की इंट्री हुई है. सोसाइटी का […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
नयी दिल्लीः केंद्रीय सांस्कृतिक मंत्रालय ने नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी (एनएमएमएल) सोसाइटी का पुनर्गठन किया है. नेहरू म्यूजियम सोसाइटी का हिस्सा कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, करण सिंह और जयराम रमेश अब नहीं होंगे. मंगलवार को ही इस सोसाइटी का नए सिरे से गठन हुआ जिसमें गृहमंत्री अमित शाह की इंट्री हुई है.
सोसाइटी का पुनर्गठन करते हुए इसमें टीवी पत्रकार रजत शर्मा, गीतकार प्रसून जोशी और राज्यसभा सदस्य स्वप्नदास गुप्ता सहित अन्य प्रमुख लोगों को शामिल किया गया है. इस सोसाइटी के अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. 5 नवंबर को संस्कृति मंत्रालय से जारी हुए नोटिफिकेशन के बाद इस मसले पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के बीच जमकर सियासत हो सकती है.
दरअसल, नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की याद में बनाया गया था.नेहरू मेमोरियल से बाहर किए जाने के बाद कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि वर्तमान सरकार हर चीज को राजनीतिक रूप से ले रही है. सरकार ने यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि वे अपने लोगों को पैनल में शामिल करना चाहते हैं.
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इस सोसायटी के उपाध्यक्ष हैं. वहीं, प्रकाश जावड़ेकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसमें सदस्य हैं. इस नई गठित सोसायटी के सदस्यों में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, एचआरडी मंत्री रमेश पोखरियाल, सूचना-प्रसारण और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, वी मुरलीधरन और प्रह्लाद सिंह पटेल के अलावा आईसीसीआर अध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे, प्रसार भारती अध्यक्ष ए सूर्य प्रकाश शामिल हैं.
वहीं, नेहरू मेमोरियल सोसाइटी में अनिर्बान गांगुली, सच्चिनानंद जोशी, कपिल कपूर, लोकेश चंद्र, मकरंद प्रान्जपे, किशोर मकवाना, कमलेश जोशीपुरा, रिजवान कादरी को भी जगह दी गई है. आदेश में कहा गया है कि इन सभी सदस्यों का कार्यकाल पांच साल का होगा.