श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में आंतकवादी हमलों में नागरिकों के मारे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करके 13 आतंकवादियों को मार गिराया है. इन 13 आतंकवादियों को 9 जगह हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों के जवानों ने मार गिराया. कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने शनिवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे से भी कम समय में श्रीनगर शहर में दाखिल हुए 5 में से 3 आतंकवादियों का सफाया किया जा चुका है.
इसके पहले खबर आयी थी कि पुलवामा के पंपोर स्थित द्रांगबल में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर उमर मुश्ताक खांडे को जवानों ने घेर लिया है. कई पुलिसकर्मियों की हत्या और विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों में वह लिप्त रहा है. विस्तृत समाचार की प्रतीक्षा है.
जम्मू-कश्मीर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने घाटी में हाल में असैन्य नागरिकों की हत्या के पीछे किसी भी तरह की सुरक्षा चूक से इनकार किया. कहा कि उन सभी को सुरक्षा मुहैया कराना संभव नहीं है, जो आतंकियों के आसान लक्ष्य (सॉफ्ट टारगेट) हो सकते हैं.
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) विजय कुमार ने यहां एक समारोह से इतर संवाददाताओं से कहा कि पिछले सप्ताह मारे गये किसी भी रहवासी को पुलिस ने सुरक्षा मुहैया नहीं करायी थी. पिछले हफ्ते कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के चार लोगों सहित सात असैन्य नागरिकों की हत्या कर दी गयी थी, जिससे घाटी में लोगों में डर पैदा हो गया और राजनीतिक दलों ने सुरक्षा तंत्र की आलोचना की.
कुमार ने कहा, ‘सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई. उन्होंने (आतंकवादियों) ने आसान लक्ष्य चुना, हमने उन्हें (नागरिकों को) सुरक्षा मुहैया नहीं करायी थी. सभी आसान लक्ष्यों (सॉफ्ट टारगेट) को सुरक्षा मुहैया कराना संभव नहीं है.’ राजनेताओं द्वारा की गयी सुरक्षा तंत्र की आलोचना को खारिज करते हुए कुमार ने कहा कि पुलिस पेशेवर तरीके से स्थिति से निपट रही है.
उन्होंने कहा, ‘राजनेताओं का काम हर तरह के बयान देना है. मैं एक पेशेवर हूं और मुझे पता है कि इससे कैसे निपटना है. हम इससे पेशेवर तरीके से निपट रहे हैं.’ आईजीपी ने कहा कि आठ अक्टूबर से अब तक नौ मुठभेड़ों में 11 आतंकवादी मारे गये हैं.
Posted By: Mithilesh Jha
