राम माधव के बयान पर कांग्रेस के तेवर तल्ख, बोली- आपके पास CBI, IB, रॉ और राज्यपाल; आरोप को साबित करें या फिर माफी मांगें

जम्मू : गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव के बयान के बाद देश की राजनीति में हडकंप मच गयी है. उनके बयान आने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने एतराज जाहिर करते हुए उन्हें यह साबित करने की चुनौती दे दी. वहीं, राम माधव के बयान पर कांग्रेस के भी […]

जम्मू : गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव के बयान के बाद देश की राजनीति में हडकंप मच गयी है. उनके बयान आने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने एतराज जाहिर करते हुए उन्हें यह साबित करने की चुनौती दे दी. वहीं, राम माधव के बयान पर कांग्रेस के भी तेवर तल्ख दिखायी दे रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने राम माधव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि आपके पास सीबीआई, आईबी, रॉ और राज्यपाल हैं. इसलिए आप अपने आरोप को साबित करें या फिर बयान पर माफी मांगें. भाजपा महासचिव राम माधव ने अपने बयान में कहा है कि संभवत: उन���हें सीमा पार से नये से सिरे से सरकार के गठन का दावा करने के निर्देश दिये गये हैं.

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राम माधव के इस बयान के तुरंत बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव को चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि मैं राम माधव साहब और उनके संगठन को सबूत के साथ यह साबित करने की चुनौती देता हूं कि हमें पाकिस्तान से निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि आप उन सहयोगियों के बलिददान का अपमान कर रहे हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के इशारे पर नाचने से इनकार कर दिया था. हालांकि, फिलहाल उनकी मौत हो चुकी है.

इसके पहले, जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) की सरकार बनाने की कवायद के पीछे ‘सीमा पार का आदेश होने’ संबंधी भाजपा महासचिव राम माधव के आरोप पर कांग्रेस ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी बताये कि क्या उसके किसी एक नेता ने भी आतंकवाद से लड़ते हुए शहादत दी है. पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि कांग्रेस अपने ऐसे 500 नेताओं के नाम बता सकती है, जिन्होंने आतंकवाद से लड़ते हुए देश के लिए जान दे दी.

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा भंग किए जाने के फैसले को ‘असंवैधनिक’ करार देते हुए तिवारी ने ट्वीट किया कि विधानसभा को असंवैधानिक और अनैतिक ढंग से भंग किया गया है. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस-पीडीपी-नेशनल कांफ्रेंस आतंकवाद के साथ हैं और भाजपा आतंकवादियों के विरोध में है? क्या बकवास है. भाजपा को चुनौती देता हूं कि वह अपने किसी एक नेता का नाम बताये, जिसने आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए बलिदान दिया हो. तिवारी ने कहा कि कांग्रेस अपने 500 नेताओं के नाम बता सकती है, जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए बलिदान दिया है. मुझे भरोसा है कि नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी भी ऐसा कर सकती हैं.

गौरतलब है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव ने कथित तौर पर कहा कि पीडीपी-नेकां ने पिछले महीने निकाय चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया था, वह आदेश भी उन्हें सीमा पार से आया था. ऐसा लगता है कि राज्य में सरकार बनाने को लेकर उन्हें नये आदेश मिले होंगे. इसी कारण राज्यपाल को यह फैसला लेना पड़ा. इस पर नेकां नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि माधव अपना दावा साबित करें या फिर माफी मांगें.

इसके पहले, बुधवार की शाम महबूबा मुफ्ती ने पीडीपी के 29, नेकां के 15 और कांग्रेस के 12 विधायकों को मिलाकर 56 विधायकों का समर्थन हासिल होने का दावा करते हुए सरकार बनाने की पेशकश की थी. इसके बाद राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा भंग करने का फैसला किया.

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