मिडिल ईस्ट क्राइसिस: LPG की सप्लाई ठप, केरल के कई होटलों में लटक सकता है ताला

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारत में कमर्शियल एलपीजी की किल्लत बढ़ गई है. केरल में कई होटल और रेस्तरां बंद हो गए हैं, कई बंद होने के कगार पर हैं. होटल संचालकों के मुताबिक जहां रोजाना आठ सिलेंडर चाहिए, वहां केवल पांच मिल रहे हैं.

LPG Supply Crisis: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत में कमर्शियल एलपीजी की घोर किल्लत हो गई है. केरल में इसका खासा असर दिखाई दे रहा है. एलपीजी की कमी के कारण राज्य में कई होटल और रेस्तरां बंद हो गए हैं, जबकि कई अन्य बंद होने के कगार पर हैं. बीते कुछ दिनों में व्यावसायिक एलपीजी की कमी और भी बढ़ गई है, जिससे राज्य भर के कई होटलों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुए है. ईरान के साथ अमेरिका और इजराइल की जंग के कारण तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है इसके कारण एलपीजी की भारत में भी किल्लत हो गई है.

आठ के बदले मिल रहे 5 सिलेंडर

रेस्तरां और होटल संचालकों ने बताया कि एक मध्यम होटल को रोजाना खाना पकाने के लिए कम से कम आठ एलपीजी सिलेंडरों की जरूरत होती है, लेकिन फिलहाल वितरकों की ओर से करीब पांच सिलेंडर ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं. कई होटल मालिकों ने मौजूदा स्थिति की तुलना कुछ साल पहले आई कोविड-19 संकट से की है और कहा कि एलपीजी की कमी के कारण कारोबार पर गंभीर असर पड़ रहा है. तिरुवनंतपुरम में एक जाने माने होटल के सह-मालिक कृष्णकुमार ने कहा कि संकट के चलते मंगलवार से शहर के 50 प्रतिशत से अधिक होटल बंद पड़े हैं.

सिलेंडरों की घोर कमी के कारण मेन्यू में बदलाव

कृष्णकुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी मेरी पत्नी की ओर से संचालित एक होटल मंगलवार को बंद हो गया है. यह दूसरा होटल भी आज या कल तक बंद हो सकता है. उन्होंने कहा कि बीते तीन दिनों से उनके पास जो एलपीजी सिलेंडरों का स्टॉक था, वह अब खत्म हो चुका है. अगर आपूर्ति की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो काम जारी रखना मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने बताया कि सिलेंडरों की सीमित उपलब्धता के कारण कई प्रतिष्ठानों ने पहले ही अपने मेन्यू में बदलाव करना शुरू कर दिया है.

कई होटल हो चुके हैं बंद

अलप्पुझा में केरल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के जिला सचिव मनाफ ने बताया कि बुधवार को अलप्पुझा में कम से कम 25 होटल बंद रहे. मंगलवार को भी अलप्पुझा में करीब 10 होटल बंद हो गए थे. अलप्पुझा एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां होटल और कैफे सहित कई कैटेगरी की 3 हजार से अधिक होटल हैं. वहीं, केएचआरए के राज्य महासचिव रजाक एनएमआर ने कहा कि अभी तक राज्यभर में बंद हुए होटलों की सटीक संख्या की जानकारी नहीं है. लेकिन मौजूदा संकट उतना छोटा नहीं है जितना कई लोग समझते हैं. उन्होंने सरकार और अधिकारियों से इस समस्या के समाधान के लिए तुरंत कोई व्यावहारिक कदम उठाने की अपील की है. (इनपुट भाषा)

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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