खास बातें
EVM Ballot Box Tampering Allegation Bengal 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले राज्य में सियासी संग्राम छिड़ गया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भाजपा और चुनाव आयोग पर ‘दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या’ करने का गंभीर आरोप लगाया है. टीएमसी ने बृहस्पतिवार की रात 8:31 बजे 46 सेकेंड का एक वीडियो शेयर करते हुए दावा है कि सीसीटीवी फुटेज से यह खुलासा हुआ है कि विपक्षी दलों की अनुपस्थिति में मतपेटियों को खोला जा रहा है.
इंडोर स्टेडियम के बाहर धरने पर शशि पांजा और कुणाल घोष
इस विवाद के बाद ममता बनर्जी सरकार की कैबिनेट मंत्री डॉ शशि पांजा और कुणाल घोष ने नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर धरना शुरू कर दिया है. चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है. पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने देर रात 11:00 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि बैलट पेपर की गिनती के लिए 8 केंद्र तय हैं. उन केंद्रों पर काउंटिंग के लिए मतपत्र को भेजने से पहले उन्हें अलग किया जाता है.
4 बजे बुलाया गया था सभी दलों के प्रत्याशियों और एजेंटों को
मनोज कुमार अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि सभी दलों के प्रत्याशी और उनके एजेंट को 4 बजे बुलाया गया था. वे लोग देर से आये और कमरा खुला देख हंगामा करने लगे. बाद में सब कुछ ठीक हो गया और वे वहां से चले गये. इसके बाद फिर से उन्होंने नये सिरे से आरोप लगाये हैं. ये आरोप गलत हैं. उन्होंने यह भी बताया कि चार विधानसभा के 77 बूथ पर री-पोलिंग से संबंधित रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है. स्पेशल ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के आधार पर फैसला लिया जायेगा. रिपोर्ट सुबह तक मिलने की उम्मीद है.
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टीएमसी का हमला- दिल्ली के जमींदार चुरा रहे जनादेश
तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (चुनाव आयोग) की मिलीभगत से चुनावी धोखाधड़ी की जा रही है. वोटर लिस्ट से नाम हटाने और केंद्रीय बलों के डराने-धमकाने के बाद अब भाजपा हताशा में ईवीएम और बैलेट बॉक्स के साथ छेड़छाड़ कर रही है.
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी जायेंगी धरना स्थल पर
पार्टी ने सोशल मीडिया साइट पर लिखा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद इस मामले पर नजर रख रही हैं. जल्द ही धरना स्थल का दौरा करेंगी. पार्टी ने साफ किया है कि वे ‘दिल्ली के जमींदारों’ को जनादेश की चोरी नहीं करने देंगे.
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चुनाव आयोग की सफाई- सुरक्षित हैं सभी स्ट्रांग रूम
विवाद बढ़ता देख चुनाव आयोग ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है. आयोग ने बताया कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र के भीतर 7 विधानसभा क्षेत्रों के स्ट्रांग रूम उम्मीदवारों और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में सुबह 5:15 बजे तक पूरी तरह सील कर दिये गये थे.
EVM Ballot Box Tampering Allegation: पोस्टल बैलट का मामला
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के अनुसार, स्ट्रांग रूम के गलियारे में केवल पोस्टल बैलट (डाक मतपत्रों) को अलग करने (Segregation) का काम शाम 4 बजे से चल रहा था, जिसके बारे में उम्मीदवारों और एजेंटों को पहले ही ई-मेल के जरिये सूचित कर दिया गया था.
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नेताओं को दिखाया गया सच : आयोग
आयोग ने दावा किया कि स्ट्रांग रूम पूरी तरह सुरक्षित और लॉक हैं. इसकी सच्चाई डॉ शशि पांजा, कुणाल घोष और भाजपा के प्रतिनिधियों को खुद मौके पर दिखाकर स्पष्ट कर दी गयी. वे संतुष्ट होकर गये, लेकिन बाद में फिर आकर धरने पर बैठ गये.
QR कोड और थ्री-लेयर सुरक्षा व्यवस्था
सीईओ ने साफ किया कि काउंटिंग सेंटर्स की सुरक्षा के बारे में आयोग ने पहले ही घोषणा की है कि इस बार प्रवेश के लिए QR कोड आधारित फोटो आईडी अनिवार्य होगी. काउंटिंग हॉल के सबसे आंतरिक घेरे में बिना स्कैनिंग के किसी को भी जाने की अनुमति नहीं होगी.
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नेताजी इंडोर स्टेडियम छावनी में तब्दील
आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता के उच्चतम मानकों का पालन किया जा रहा है. फिलहाल, नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर टीएमसी का धरना जारी है और पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है.
