LPG आपूर्ति पर केंद्र सख्त, राज्यों से कहा-जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकें

LPG Crisis: ईरान-इजराइल युद्ध के बीच देशभर से एलपीजी गैस को लेकर मारामारी की स्थिति बन गई है. इस बीच केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जमाखोरी या कालाबाजारी रोकने का निर्देश दिया है. केंद्र सरकार ने एलपीजी गैस की आपूर्ति पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा है.

LPG Crisis: गृह सचिव गोविंद मोहन ने देश के विभिन्न हिस्सों से गैस सिलेंडर की कमी की खबरें आने के बाद राज्यों के मुख्य सचिव, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के साथ ऑनलाइन बैठक की.

एलपीजी सिलेंडर की बिक्री और सप्लाई सुचारू हो : गोविंद मोहन

गृह सचिव गोविंद मोहन ने बैठक में डीजीपी से सुनिश्चित करने को कहा कि एलपीजी सिलेंडर की बिक्री और सप्लाई सुचारू रूप से हो. साथ ही कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़नी चाहिए. उन्होंने मुख्य सचिवों को पुलिस और अन्य अधिकारियों से स्थिति की नियमित रिपोर्ट लेने का आदेश दिया. इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से जो भी निर्देश दिए जा रहे हैं उस बारे में पुलिस को जानकारी देने के लिए कहा.

अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश

गृह सचिव ने अधिकारियों को देश में कथित ईंधन की कमी को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

एलपीजी सिलेंडर की कोई कमी नहीं : पेट्रोलियम मंत्रालय

एलपीजी को लेकर जारी अफरा-तफरी के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि घरेलू रसोई गैस की कोई कमी नहीं है. जरूरतें पूरी करने के लिए देश के पास पर्याप्त भंडार मौजूद हैं. मंत्रालय ने लोगों को घबराहट में आकर सिलेंडर बुक करने से बचने की सलाह दी है.

एलपीजी उत्पादन 25 प्रतिशत तक बढ़ा

मंत्रालय ने बताया कि घरेलू रिफाइनरी कंपनियों ने एलपीजी उत्पादन 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है. इसके अलावा भारत होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आपूर्ति बाधित होने के बाद नए स्रोतों से कच्चा तेल लेने में भी सफल रहा है.

भारत करीब 60 प्रतिशत हिस्सा एलपीजी आयात करता है

भारत अपनी एलपीजी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है. इसका 90 प्रतिशत आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही आता है. ऐसे में गैस आपूर्ति बाधित होने से वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के ऊपर घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने का सरकार ने फैसला किया है.

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By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

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