नयी दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को सावधान किया है. संघ ने अपनी आंतरिक रिपोर्ट में भाजपा को आगाह किया है कि देश भर में बड़े पैमाने पर यह झूठी खबर फैलाई जा रही है कि केंद्र सरकार आनेवाले दिनों में एससी-एसटी को मिलने वाला आरक्षण खत्म करने वाली है. संघ ने इससे जुड़ी रिपोर्ट शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से साझा किया है. आरएसएस ने कहा है कि यह सूचना संघ ने देश भर में फैले अपने व्यापक नेटवर्क के जरिए जुटाई है.
मालूम हो कि दिल्ली से सटे हरियाण के सुरजकुंड में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ-भाजपा की समन्वय बैठक संपन्न हुई है, जिसमें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी शामिल हुए.
संघ की बैठक में भी इस रिपोर्ट पर चर्चा हुई. सूत्रों के अनुसार, अमित शाह ने भी माना है कि विपक्ष का यह एजेंडाएकचुनौती है, लेकिन पार्टी जल्द ही इससे निबटने के लिए कोई ठोस रणनीति बनाएगी. संघ की बैठक में सर कार्यवाह भैयाजी जोशी, सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले व डॉ कृष्ण गोपाल शामिल हुए. बैठक में संघ के अधिकारियों के अलावा भाजपा में संगठन मंत्री के रूप में काम कर रहे 60 प्रचारकों को भी बुलाया गया था. इस बैठक में भाजपा के 300 सीटें जीतने की रणनीति पर चर्चा हुई.
बैठक में विपक्ष के तैयार हो रहे महागंठबंधन पर भी चर्चा हुई और इस नतीजे पर पहुंचा गया कि इसका असर कम ही क्षेत्र में देखने को मिल रहा है. इस बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने संघ व बीजेपी के कुछ शीर्ष नेताओं को अपने आवास पर रात्रिभोज के लिए बुलाया था.
संघ और भाजपा की यह समन्वय बैठक साल में एक बार होती है. चुनाव में एक साल से भी कम समय बचने के कारण इस बात यह बैठक खासा महत्वपूर्ण थी. संबंधित संगठन मंत्रियों ने बैठक में अपने-अपने कामकाज का ब्यौरा दिया.
