सोलर ऊर्जा से सशक्त हो रही ग्रामीण महिलाएं: ‘स्वादकार्ट’ बना आत्मनिर्भरता का नया आधार

फोटो 26 घाटों 1 दिया देवी का स्वादकार्ट 26 घाटों 2 बबिता देवी का स्वादकार्ट टाटा स्टील फाउंडेशन की पहल से बदल रही जिंदगी, ₹1,000 की

फोटो 26 घाटों 1 दिया देवी का स्वादकार्ट 26 घाटों 2 बबिता देवी का स्वादकार्ट टाटा स्टील फाउंडेशन की पहल से बदल रही जिंदगी, ₹1,000 की आय से ₹30,000 तक पहुंचीं महिला उद्यमी रवीन्द्र कुमार घाटोटांड :वेस्ट बोकारो के ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर ऊर्जा से संचालित फूड स्टॉल अब सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए सम्मान, आत्मनिर्भरता और उम्मीद का नया प्रतीक बनते जा रहे हैं.टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा समर्थित ‘स्वादकार्ट’ पहल इस परिवर्तन का नेतृत्व कर रही है, जो ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई दिशा और पहचान दे रही है. पहले जहां ग्रामीण महिला उद्यमी छोटे और असंगठित कार्यों पर निर्भर थीं, वहीं सीमित संसाधनों और आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण उनकी मासिक आय ₹1,000 से ₹15,000 तक ही सीमित रह जाती थी. मौसम की मार और पहचान के अभाव में उनका व्यवसाय आगे नहीं बढ़ पाता था.‘स्वादकार्ट’ ने इस स्थिति को बदलते हुए महिलाओं को सोलर ऊर्जा से संचालित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण अनुकूल फूड स्टॉल उपलब्ध कराए हैं. इन आधुनिक स्टॉलों की मदद से महिलाएं अब नियमित रूप से अपना व्यवसाय संचालित कर रही हैं और अधिक ग्राहकों को आकर्षित कर पा रही हैं.इसका परिणाम यह है कि कई महिला उद्यमी आज ₹30,000 से अधिक की मासिक आय अर्जित कर रही हैं, जो उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता का बड़ा आधार बन चुका है. टाटा स्टील फाउंडेशन वेस्ट बोकारो के यूनिट लीडर आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि ‘स्वादकार्ट’ न केवल महिलाओं को रोजगार दे रहा है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक और स्थायी आजीविका का अवसर भी प्रदान कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं को असंगठित कार्यों से निकालकर बेहतर सुविधाओं और व्यापक बाजार से जोड़ रही है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. संघर्ष से सफलता तक: बबिता देवी की कहानी वेस्ट बोकारो की बबिता देवी इस बदलाव की प्रेरक मिसाल हैं. वर्ष 2017 में पति के निधन के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी. ‘स्वादकार्ट’ के सहयोग से उन्होंने होली क्रॉस स्कूल के पास फलों का सलाद और जूस का स्टॉल शुरू किया. आज उनका यह स्टॉल परिवार की आय का मजबूत आधार बन चुका है. वे न केवल अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं, बल्कि उनकी शिक्षा में भी निवेश कर पा रही हैं. मौसम से मुक्ति: दिया देवी को मिली स्थिरता सारूबेड़ा की दिया देवी पहले मिट्टी और बांस की बनी दुकान में काम करती थीं, जो बारिश के मौसम में बार-बार खराब हो जाती थी. इससे उनकी आय प्रभावित होती थी.‘स्वादकार्ट’ से मिले मजबूत और मौसम प्रतिरोधी स्टॉल ने उनकी जिंदगी बदल दी है. अब वे पूरे साल बिना बाधा के अपना व्यवसाय चला पा रही हैं और उनके परिवार को स्थिर आय मिल रही है. सात इकाइयों से मजबूत हो रहा नेटवर्क वर्तमान में वेस्ट बोकारो क्षेत्र में ‘स्वादकार्ट’ की सात इकाइयां सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं. यह पहल केवल आय सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे रही है. साथ ही, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर यह पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रही है. ‘स्वादकार्ट’ यह साबित कर रहा है कि जब नवाचार को सामाजिक विकास से जोड़ा जाता है, तो उसके परिणाम दूरगामी और प्रभावशाली होते हैं. आज ये महिलाएं न केवल अपने परिवारों का सहारा बन रही हैं, बल्कि समाज में अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रही हैं. जिस तरह सोलर पैनल इन स्टॉलों को ऊर्जा देते हैं, उसी तरह महिलाओं का दृढ़ संकल्प इस पहल को आगे बढ़ा रहा है.

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