भव्य कलश यात्रा के साथ कुम्हारडीह रोड गोविंदपुर में रविवार से आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया. कथा व्यास सुरेंद्र हरिदास जी महाराज के सान्निध्य में कथा स्थल से गाजे-बाजे के साथ निकाली गयी कलश यात्रा में सिर पर कलश लेकर सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं. साथ में बड़ी संख्या में पुरुष व बच्चे भी शामिल हुए. सभी धार्मिक जयकारे लगाते हुए कुसमाटांड़ गांव के पास स्थित खुदिया नदी पहुंची, जहां कलश में जल भरकर सभी वापस कथा स्थल पहुंचे.
सत्य से बड़ा कोई धर्म नहीं
आज कथा के प्रथम दिन कथा व्यास सुरेंद्र हरिदास ने कहा कि सत्य से बड़ा कोई धर्म नहीं है. आज के समय में लोग अक्सर यह सोचते हैं कि यदि हम पूरी ईमानदारी और सत्य के मार्ग पर चलेंगे, तो हमारा व्यापार कैसे चलेगा. लाभ कैसे होगा और प्रतिस्पर्धा में हम कैसे टिक पायेंगे. उन्होंने कहा कि असत्य कुछ समय के लिए लाभ अवश्य दे सकता है, लेकिन वह स्थायी नहीं होता. झूठ व छल की नींव पर खड़ा व्यापार या संबंध अधिक समय तक नहीं टिकता. केवल प्रसिद्धि, पद या धन किसी को महान नहीं बनाते. चरित्र, नैतिकता और सत्य ही किसी व्यक्ति की वास्तविक पहचान होते हैं. कथा प्रतिदिन अपराह्न तीन बजे से शाम सात बजे तक होगी. इसका समापन 15 मार्च को होगा. पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा का श्रवण करने आये थे. आयोजन को सफल बनाने में विमल चंद्र दे, पद्दा दे, संंजय अग्रवाल, अनिता अग्रवाल, प्रदीप बंसल, कांता बंसल, सुमित मित्तल, सचिन दे आदि सक्रिय हैं.
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