आइआइटी पटना में बनेगा रिसर्च पार्क और केंद्रीय अनुसंधान सुविधाएं होगी उपलब्ध, प्रधानमंत्री आज रखेंगे आधारशिला

करीब 644.54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस तीसरे चरण में अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र, प्रयोगशालाएं, छात्रावास और शिक्षक-स्टाफ आवास जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं विकसित की जायेंगी.

– आइआइटी पटना में तीसरे चरण की अवसंरचना विकास परियोजनाओं का शिलान्यास आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे

– कार्यक्रम पटना के उर्जा भवन में आयोजित किया जायेगा, मौजूद रहेंगे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान व बिहार के कई मंत्री व अधिकारी

संवाददाता, पटना

आइआइटी पटना के तीसरे फेज के विभिन्न डेवलपमेंट का शिलान्यास शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 सितंबर को आइआइटी पटना के तीसरे चरण के निर्माण कार्यों और विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. यह कार्यक्रम उर्जा भवन में आयोजित किया जायेगा. इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान व बिहार सरकार के अन्य मंत्री व अधिकारी मौजूद रहेंगे. करीब 644.54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस तीसरे चरण में अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र, प्रयोगशालाएं, छात्रावास और शिक्षक-स्टाफ आवास जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं विकसित की जायेंगी. कुल प्रस्तावित निर्मित क्षेत्रफल 1,26,462 वर्ग मीटर होगा. इसकी जानकारी शुक्रवार को एनआइटी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आइआइटी पटना के निदेशक प्रो टीएन सिंह ने दी.

उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं से छात्रों और शोधकर्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और अनुसंधान की बेहतर व्यवस्था मिलेगी. इससे संकाय सदस्यों और कर्मचारियों को भी फायदा मिलेगा. इस परियोजना से आइआइटी पटना न केवल बिहार बल्कि पूरे पूर्वी भारत में उच्च शिक्षा और तकनीकी अनुसंधान का नया केंद्र बनेगा. बिहार का कोई भी स्टूडेंट यहां आकर रिसर्च पार्क का लाभ ले सकते हैं. साथ ही स्टार्टअप के लिए जगह की व्यवस्था भी करायी जायेगी. मौके पर एनआइटी पटना के निदेशक प्रो पीके जैन, प्रो एके ठाकुर, डॉ एनके तोमर, डॉ अरविंद कुमार झा, प्रो प्रकाश चंद्रा के साथ अन्य लोग मौजूद थे.

रिसर्च पार्क किया जायेगा विकसित, बिहार के लोगों को मिलेगा फायदा:

रिसर्च पार्क विकसित किया जायेगा. इसके लिए 95.20 करोड़ की राशि लगेगी. इसमें छात्रों के लिए स्टार्टअप की सुविधा के साथ अनके प्रोडक्ट को मेन्यूफैक्चरिंग की व्यवस्था की जायेगी. डीन एकेडमी प्रो एके ठाकुर ने बताया कि आइआइटी पटना को पांच सौ एकड़ भूखंड उपलब्ध कराया गया था. फेज वाइज डेवलपमेंट का काम किया जा रहा है. तीसरे फेज में अनेक कार्य होने हैं, उन्हीं कार्यों की आधारशिला प्रधानमंत्री रखेंगे. लड़कों के छात्रावास के लिए 238.20 करोड़ और लड़कियों के छात्रावास के लिए 53.36 करोड़ स्वीकृत किये गये हैं. छात्रावासों की संख्या बढ़ाने के बाद यहां पर छात्रों की क्षमता 6500 की हो जायेगी. अभी चार हजार स्टूडेंट्स स्ट्रेंथ है. छात्रावास बन जाने के बाद बीटेक व एमटेक के सीटों में बढ़ोत्तरी होगी. इसके बाद एकेडमिक ब्लॉक का निर्माण भी किया जायेगा. इसके लिए करीब 59.32 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गयी है.

विदेशी स्टूडेंट्स के लिए भी बनेगा हॉस्टल

विदेशी स्टूडेंट्स का एडमिशन लेना आसान हो जायेगा. अंतरराष्ट्रीय छात्रावास भी बनेगा. इसमें सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध होंगी. 100 कमरों का छात्रावास विदेशी स्टूडेंट्स के लिए बनेगा. आइआइटी पटना में प्रत्येक राज्य के स्टूडेंट का एडमिशन होता है. विदेशी स्टूडेंट्स का एडमिशन अभी तक नहीं है. व्यवस्था होने से यहां भी विदेशी स्टूडेंट्स पढ़ाई कर सकते हैं.

तीसरे फेज में मुख्य सुविधाएं इस प्रकार होंगी:

1.अनुसंधान व प्रयोगशाला अवसंरचना: रिसर्च पार्क और अनुसंधान सुविधाएं 2. शिक्षण व अधिगम सुविधाएं:

-शिक्षा प्रौद्योगिकी केंद्र (सीइटी)

-व्याख्यान भवन

-शैक्षणिक भवन 3.छात्र सुविधाएं:

छात्रावास (लड़कों के लिए 2000 छात्रों की क्षमता)

छात्राएं छात्रावास (500 क्षमता)

अंतरराष्ट्रीय छात्रावास (250 क्षमता)

विवाहित छात्रों के लिए छात्रावास (स्टूडियो अपार्टमेंट)

स्विमिंगपूल आदि

4.शिक्षक एवं कर्मचारी आवास

– संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय परिसर की योजना भी इस परियोजना का हिस्सा है, जिससे एक समर्पित और प्रेरक शैक्षणिक परिवेश सुनिश्चित किया जा सके. यह विस्तार परियोजना भारत सरकार की उच्च शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाने की प्रतिबद्धता का एक सशक्त उदाहरण है और आइआइटी पटना को अनुसंधान, नवाचार तथा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी.

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Author: ANURAG PRADHAN

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