प्रतिनिधि, नारायणपुर, प्रखंड की पंचायतों में पंचायत सचिवों की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं. उपायुक्त और बीडीओ के निर्देश के बावजूद अधिकांश पंचायत सचिव पंचायत भवनों में आवासन नहीं कर रहे हैं. पंचायत भवनों में बिजली, पानी समेत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद कई सचिव जामताड़ा, धनबाद, गिरिडीह आदि से आवागमन कर अपनी सुविधानुसार कार्यालय पहुंचते हैं. सचिवों की नियमित उपस्थिति नहीं रहने से लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी कार्यों के लिए बार-बार पंचायत कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. पंचायतों में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लगाई गयी बायोमेट्रिक मशीनें भी लगभग निष्क्रिय पड़ी हैं, जिससे वास्तविक उपस्थिति की निगरानी नहीं हो पा रही है. मामले का एक अन्य पहलू यह भी है कि प्रखंड कार्यालय परिसर में बने सरकारी आवासों में कई पंचायत सचिवों के रहने की चर्चा है. प्रभारी बीडीओ देवराज गुप्ता ने ऐसे आवास खाली करने का निर्देश जारी किया है, लेकिन अब तक स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है. – क्या कहते हैं प्रभारी बीडीओ पंचायत सचिव को पंचायत में ही रहना है. यह सरकार का नियम और निर्देश भी है. प्रखंड परिसर में अवैध रूप से कब्जा कर रह रहे कर्मियों को एक सप्ताह के भीतर हटाया जायेगा. इसके लिए पत्र भी जारी कर दिये गये हैं. -देवराज गुप्ता, प्रभारी बीडीओ, नारायणपुर
प्रखंड के आवासों में डेरा, सचिवों की मनमानी से ग्रामीण परेशान
प्रतिनिधि, नारायणपुर, प्रखंड की पंचायतों में पंचायत सचिवों की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं. उपायुक्त और बीडीओ के निर्देश के बावजूद अधिकांश पंचायत सचिव पंचायत भवनों में आवासन
