मधुपुर . बुढ़ैई थाना क्षेत्र अंतर्गत करणपुरा गांव के भीखनाडीह टोला स्थित जंगल से गुरुवार को पुलिस ने नरकंकाल बरामद किया है. जंगल में नरकंकाल मिलने की सूचना से सनसनी फैल गयी. इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. सूचना पर पुलिस पहुंची और मिट्टी खोदकर नर कंकाल को निकाला. नर कंकाल से मिले कपड़े व घड़ी से मृतक की पहचान पांच माह से लापता बुढ़ैई निवासी दिलीप तुरी ( 19 वर्ष ) के रूप में परिजनों ने की है. हालांकि अधिकारिक रूप से पुष्टि के लिए पुलिस नर कंकाल के अवशेष को डीएनए टेस्ट के लिए भेजने की प्रक्रिया में जुट गयी है. फिलहाल पुलिस ने पंचनामा कर नर कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है.
दरअसल गांव के बच्चे और ग्रामीण जंगल में लकड़ी व पत्ता चुनने बुधवार शाम को जंगल गये थे. ग्रामीणों ने मिट्टी से दबे नर कंकाल के हाथ व उसके कपड़े को देखा. बताया जाता है कि बारिश से मिट्टी खिसकने पर बुधवार शाम को ग्रामीणों ने नर कंकाल को देखा. इसके बाद उसकी पहचान हुई. वहीं उनलोगों ने इसकी सूचना गांव के लोगों और पुलिस को दी. इसके बाद गुरुवार को नर कंकाल को निकाला गया. युवक के परिजनों से मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में युवक के तीन दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. घर वालों ने मृतक के तीनों दोस्तों पर ही हत्या का आरोप लगाया है. परिजनों का आरोप है कि दिलीप की हत्या कर गड्ढे में दबा दिया गया. इधर घटना के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है.क्या हैं पूरा मामला
परिजनों ने बताया कि पांच माह पूर्व 23 जनवरी सरस्वती पूजा के दिन दिलीप को उसके तीन दोस्त पिंटू तुरी, रवींद्र तुरी, धीरज मढ़ैया घर से बुलाकर ले गये थे. वे लोग मधुपुर मौजा के भीखानाडीह जंगल की ओर निकले थे. लेकिन देर रात उसके घर नहीं लौटने पर घर वाले परेशान हो गये. जिन दोस्तों के साथ युवक गया थे. उसी दोस्तों से युवक की मां ने दिलीप के बारे में पूछताछ की. पूछताछ में उनलोगों ने बताया था कि दिलीप ताड़ी पीकर जंगल में रुक गया. वह रिश्तेदार के यहां चला गया होगा. इसके बाद उसकी मां ने रिश्तेदार समेत कई जगह फोन से दिलीप के संबंध में जानकारी ली. लेकिन उसका पता नहीं चला. इसके बाद उसकी मां अनार देवी ने तीन फरवरी को बुढ़ैई थाना में लिखित शिकायत देकर बेटे के लापता होने व उसकी सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस से गुहार लगायी. परिजनों ने बताया कि दिलीप राजस्थान में मजदूरी का काम करता था. वह छुट्टी लेकर सरस्वती पूजा में घर आया हुआ था. वह घर का एकमात्र कमाउ सदस्य था. दो भाई में वह सबसे बड़ा था.
