Bhagalpur. पुराना प्राक्कलन रद्द, अब नये सिरे से बनेगा विक्रमशिला सेतु मरम्मत का डीपीआर

विक्रमशिला सेतु के दुरुस्तीकरण को लेकर अब पूरी रणनीति बदल गयी है. पहले तैयार प्राक्कलन को निरस्त कर दिया गया है और अब नये सिरे से डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.

भागलपुर से ब्रजेश की रिपोर्ट

भागलपुर. विक्रमशिला सेतु के दुरुस्तीकरण को लेकर अब पूरी रणनीति बदल गयी है. पहले तैयार प्राक्कलन को निरस्त कर दिया गया है और अब नये सिरे से डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. पुल निर्माण निगम ने करीब एक माह पूर्व 26 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार कर मुख्यालय भेजा था, लेकिन स्वीकृति मिलने से पहले ही रविवार रात पोल संख्या 133 के पास सेतु का स्लैब गंगा में गिर गया. हादसे के बाद पुरानी योजना अप्रासंगिक हो गयी. अधिकारियों के अनुसार, अब मरम्मत की लागत बढ़कर 75 से 80 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. इससे परियोजना की चुनौती भी बढ़ गयी है. जानकारी के अनुसार, सेतु के 13 से अधिक पिलरों के पास एक्सपेंशन ज्वाइंट में दरार काफी बढ़ चुकी है. गैप बढ़ने से कई जगहों पर बेरिंग भी क्षतिग्रस्त हो गये हैं, जिससे संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है. एनएच के मुख्य अभियंता संजय भारती ने बताया कि पुल की वर्तमान स्थिति का विस्तृत आकलन कर नया प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि तीन माह के भीतर सेतु को दुरुस्त करने की दिशा में काम करने की योजना बनायी जा रही है.

जिला प्रशासन इधर भी दे ध्यान, क्योंकि विक्रमशिला सेतु पर एक और बना हुआ है खतरा

विक्रमशिला सेतु के उत्तरी छोर की तरफ गंगा की धारा बढ़ती जा रही है और इससे सेतु पर खतरा बढ़ता जा रहा है. इस पर राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल ने नवंबर, 2025 में ही संज्ञान लिया था. इसके बाद भारत सरकार के सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने गाइड बांध बनाने की अनुमति भी दे दी. यह निर्णय लिया गया था कि यहां वर्षों से बेकाम पड़ी नैरो गेज रेल लाइन पर गाइड बांध बना कर सेतु को सुरक्षित कर दिया जाये. इसकी प्रक्रिया भी शुरू हुई, पर बांध नहीं बन सका है.

राष्ट्रीय उच्च पथ ने मांगी थी रेलवे की जमीन

राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर ने गाइड बांध बनाने के लिए रेलवे की जमीन ट्रांसफर करने की मांग की थी. इसके लिए एनएच व पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने सोनपुर के मंडल रेल प्रबंधक (इंजीनियरिंग) को 18.11.2025 को पत्र लिखा. जिलाधिकारी को भी 12.12.2025 को पत्र भेजा है. अनुरोध किया गया है कि रेलवे की उक्त जमीन को सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय को हस्तांतरण की दिशा में कार्रवाई की जाये.

सेतु की उत्तरी सीमा से महादेवपुर घाट तक बनेगा बांध

विक्रमशिला सेतु की उत्तरी सीमा (नवगछिया की ओर) से महादेवपुर घाट तक अपस्ट्रीम में 910 मीटर लंबा और 22 मीटर चौड़ा गाइड बांध के निर्माण का निर्णय लिया गया था. इसका निर्णय लेने से पहले इस जगह का निरीक्षण 07.11.2025 जल संसाधन विभाग और सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की टीम कर चुकी है.

जल संसाधन विभाग ने यह दी है रिपोर्ट

जल संसाधन विभाग ने रिपोर्ट दी है कि विक्रमशिला सेतु के नवगछिया तरफ गंगा धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रही है. लिहाजा भविष्य में विक्रमशिला सेतु के पहुंच पथ की सुरक्षा के मद्देनजर नदी के उत्तरी तट को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है. इस पर सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की भी सहमति मिल चुकी है.

जिला प्रशासन की ओर हुई है यह पहल

जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने बताया कि यह रेलवे की जमीन है. इसके ट्रांसफर को लेकर सोनपुर के मंडल रेल प्रबंधक को प्रक्रिया पूरी करने के लिए पत्र लिख दिया गया है. इसका फॉलोअप निश्चित रूप से किया जायेगा.

जिला प्रशासन इधर भी दे ध्यान, क्योंकि विक्रमशिला सेतु पर एक और बना हुआ है खतरा

विक्रमशिला सेतु के उत्तरी छोर की तरफ गंगा की धारा बढ़ती जा रही है और इससे सेतु पर खतरा बढ़ता जा रहा है. इस पर राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल ने नवंबर, 2025 में ही संज्ञान लिया था. इसके बाद भारत सरकार के सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने गाइड बांध बनाने की अनुमति भी दे दी. यह निर्णय लिया गया था कि यहां वर्षों से बेकाम पड़ी नैरो गेज रेल लाइन पर गाइड बांध बना कर सेतु को सुरक्षित कर दिया जाये. इसकी प्रक्रिया भी शुरू हुई, पर बांध नहीं बन सका है.

राष्ट्रीय उच्च पथ ने मांगी थी रेलवे की जमीन

राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर ने गाइड बांध बनाने के लिए रेलवे की जमीन ट्रांसफर करने की मांग की थी. इसके लिए एनएच व पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने सोनपुर के मंडल रेल प्रबंधक (इंजीनियरिंग) को 18.11.2025 को पत्र लिखा. जिलाधिकारी को भी 12.12.2025 को पत्र भेजा है. अनुरोध किया गया है कि रेलवे की उक्त जमीन को सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय को हस्तांतरण की दिशा में कार्रवाई की जाये.

सेतु की उत्तरी सीमा से महादेवपुर घाट तक बनेगा बांध

विक्रमशिला सेतु की उत्तरी सीमा (नवगछिया की ओर) से महादेवपुर घाट तक अपस्ट्रीम में 910 मीटर लंबा और 22 मीटर चौड़ा गाइड बांध के निर्माण का निर्णय लिया गया था. इसका निर्णय लेने से पहले इस जगह का निरीक्षण 07.11.2025 जल संसाधन विभाग और सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की टीम कर चुकी है.

जल संसाधन विभाग ने यह दी है रिपोर्ट

जल संसाधन विभाग ने रिपोर्ट दी है कि विक्रमशिला सेतु के नवगछिया तरफ गंगा धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रही है. लिहाजा भविष्य में विक्रमशिला सेतु के पहुंच पथ की सुरक्षा के मद्देनजर नदी के उत्तरी तट को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है. इस पर सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की भी सहमति मिल चुकी है.

जिला प्रशासन की ओर हुई है यह पहल

जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने बताया कि यह रेलवे की जमीन है. इसके ट्रांसफर को लेकर सोनपुर के मंडल रेल प्रबंधक को प्रक्रिया पूरी करने के लिए पत्र लिख दिया गया है. इसका फॉलोअप निश्चित रूप से किया जायेगा.

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By BRAJESH NANDAN MAD

BRAJESH NANDAN MAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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