सिमरिया. प्रखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलीय दासी पहाड़ पर सोमवार की शाम करम मिलन समारोह का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में मुखिया बिनोद महतो उपस्थित थे. मिलन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि व पाहन जीतन गंझू द्वारा करम की डाली स्थापित कर पूजा की गयी. मिलन समारोह में इतीज, लोहरा, हुडमुड़, मरहा, बोंगादाग, टुटकी, उरूब, फुसरी, चौथा, हुरनाली गांव के नृत्य मंडली ने भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान सभी मंडली द्वारा करम पर्व को लेकर एक से बढ़ कर एक गीत प्रस्तुत किया गया. साथ ही झकझोर झूमर का आयोजन किया गया, जहां महिला-पुरुष ने अपने नृत्य से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया. मुखिया ने कहा कि करम भाई-बहन का अटूट प्रेम का पर्व है. बहनें दिन भर निर्जला उपवास रखकर व्रत करती और भाइयों के लिए भगवान से लंबी उम्र की कामना करती है. मुखिया ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन होने से एक-दूसरे गांव के लोगों के बीच आपसी सामंजस्य बना रहता है. मुखिया व आयोजक दल के सदस्यों द्वारा गीत, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले सभी मंडली को सांत्वना पुरस्कार के रूप में ढोल व मांदर देकर पुरस्कृत किया गया. अध्यक्ष प्रेम गंझू ने कहा कि हर साल करम मिलन समारोह का आयोजन किया जा रहा है. इससे गांव की मंडली को अपनी प्रतिभा को दिखाने का अवसर मिलता है. कहा कि सभी गांव की मंडलियों ने बेहतर प्रदर्शन किया. मौके पर आयोजक दल के सचिव सूरज गंझू, उपाध्यक्ष कामाख्या भोगता, सह सचिव नेमनाथ गंझु, कोषाध्यक्ष मादी गंझू, अर्जुन गंझु, बिनोद भोगता आदि उपस्थित थे.
करम भाई-बहन का अटूट प्रेम का पर्व है : मुखिया

फोटो 1 में कार्यक्रम में नृत्य प्रस्तुत करती महिलाएं व पुरस्कृत होते मंडली के सदस्य | Prabhat Khabar Network
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सिमरिया में करम मिलन समारोह का आयोजन. मुखिया ने करम पर्व को भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक बताया और सांस्कृतिक मंडली को किया पुरस्कृत.