देश में ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले की खपत बढ़ने के बावजूद कोल इंडिया ने कोयला संकट की आशंकाओं को खारिज किया है. कहा है कि वर्तमान में देश में 168 मिलियन टन कोयले का भंडार उपलब्ध है, जो गर्मी के मौसम में बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है. कोल इंडिया के अनुसार 23 मई तक घरेलू कोयला आधारित बिजली घरों में 47.6 मिलियन टन कोयला स्टॉक था. वहीं 24 मई तक कंपनी के खदान क्षेत्रों में 113.5 मिलियन टन कोयले का स्टॉक उपलब्ध है, जो गत वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है. यह मात्रा करीब 19 दिनों की खपत के बराबर है.
तीन मिलियन टन कोयला विभिन्न ट्रांजिट प्वाइंट में
कंपनी ने जानकारी दी कि लगभग तीन मिलियन टन कोयला विभिन्न ट्रांजिट प्वाइंट जैसे गुड्स शेड, निजी वाशरी और बंदरगाहों पर मौजूद है. इसके अलावा करीब चार मिलियन टन कोयला परिवहन के दौरान विभिन्न स्थानों पर है. कोल इंडिया ने स्पष्ट किया कि गर्मी के चरम समय में बिजली घरों में कोयला स्टॉक का कुछ कम होना सामान्य प्रक्रिया है और इसे आपूर्ति संकट नहीं माना जाना चाहिए. वहीं जरूरत पड़ने पर त्वरित आपूर्ति के लिए लगभग 50 मिलियन टन इन-सीटू कोयला खदानों में उपलब्ध है. 20 मई तक जिन 21 बिजली घरों को क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया था, उनमें से 11 घरेलू कोयला आधारित संयंत्र हैं. इनमें से सात को कोल इंडिया कोयला आपूर्ति करता है.
