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NDRF: आपदा में जीवन रक्षक की भूमिका निभाती है एनडीआरएफ की टीम, जवानों काे दी जाती है विशेष ट्रेनिंग

जब भी देश के नागरिकों पर कोई भी आपदा आती है तो वहां सबसे पहले लोगों की जान बचाने पहुंच जाती है एनडीआरएफ की टीम. खास ट्रेनिंग देकर जवानों को इसके लिए बहुत ही अच्छी तरह से ट्रेंड किया जाता है.

By Prabhat khabar Digital
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एनडीआरएफ (National Disaster Response Force) की टीम किसी भी तरह की त्रासदी में जीवन रक्षक की भूमिका निभाती है. कठिन से कठिन परिस्थित में एनडीआरएफ की टीम लोगों की जान बचाने के लिए तत्पर होती है. अक्सर आपने देखा होगा कि जब भी देश के नागरिकों पर कोई भी आपदा आती है तो वहां सबसे पहले कुछ जवान दिखाई देते हैं, जिनकी टीशर्ट या ट्रैकसूट के पीछे लिखा होता है NDRF. क्या आप जानते हैं. एनडीआरएफ के इन जवानों की ट्रेनिंग कैसे हाती है जानें.

देश में बाढ़ की समस्या हो या इमारते ढहने, रेल दुर्घटना या भूकम्प जैसा कोई संकट हो एनडीआरएफ की टीम हमेशा लोगों की रक्षा करने के लिए हमेशा सबसे आगे नजर आती है. एनडीआरएफ जमीन पर सबसे जांबाज बल के रूप में सेवा करती है. जानें एनडीआरएफ क्या है और उनका काम क्या होता है.

क्या है एनडीआरएफ?

एनडीआरएफ एक पैरामिलिट्री लाइंस फोर्स होती है, जो देश की सुरक्षा बलों से मिलकर ही बनती है. इन सुरक्षा बलों के जवानों को खास ट्रेनिंग देकर उन्हें एनडीआरएफ के लिए विशेष रूप से तैयार किया जाता है और वो किसी भी आपदा में लोगों की जान बचाने का काम करते हैं. ये जवान किसी भी प्राकृतिक आपदा से लेकर अन्य मानव जनित किसी आपदा में जनता को बचाने का काम करता है. इसका पूरा नाम है नेशनल डिजास्टर रेस्पोंस फोर्स (National Disaster Response Force) है. हिंदी में इसे राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के नाम से जाना जाता है.

डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत किया गया था एनडीआरएफ का गठन

एनडीआरएफ का गठन 2005 में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत किया गया था. एनडीआरएफ के जवान किसी भी आपातकाल आपदा के समय अपनी अहम भूमिका निभाते हैं और जान-माल की हानि होने से रोकने की कोशिश करते हैं. इस काम के दौरान खुद उनकी अपनी जान को काफी खतरा होता है लेकिन फिर भी वे लोगों की सेवा में तत्पर नजर आते हैं.

एनडीआरएफ के अंतर्गत 12 बटालियन

एनडीआरएफ के अंतर्गत 12 बटालियन आती हैं, जिसमें बीएसएफ और सीआरपीएप की तीन, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की 2-2 बटालियन शामिल है. सभी बटालियन में 19 सर्च और रेस्क्यू टीम हैं और 45 इंजीनियर, टेक्निशियन, इलेक्ट्रीशियन, मेडिकल या पैरा मेडिक्स और डॉग स्क्वॉग शामिल होते हैं.

एनडीआरएफ के जवानों की ट्रेनिंग कैसे होती है

एनडीआरएफ के जवानों को विशेष तरह की ट्रेनिंग जी जाती है. ट्रेनिंग के लिए पूरे साल का शेड्यूल जारी किया जाता है. ट्रेनिंग में जवानों के अलग-अलग कोर्स होते हैं, जिसमें ऑक्सी फ्यूल कटिंग कोर्स, स्कूल सेफ्टी कोर्स, बोट मैनटेनेंस कोर्स, बोरवेल कोर्स, फायर फाइटिंग कोर्स, एनमिल डिजास्टर आदि को लेकर खास प्रशिक्षण दिया जाता है.12 बटालियन को प्राकृतिक और अप्राकृतिक आपदाओं दोनों के लिए ट्रेनिंग दी जाती है. इसमें कैमिकल, बायलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर इमरजेंसी भी शामिल है.

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