chitrangada singh :अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह बीते साल कई अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में नजर आयीं. गुजरे साल के अपने कामकाज के अनुभवों के साथ-साथ उन्होंने नये साल में रिलीज होने वाली फिल्मों को लेकर भी उन्होंने उर्मिला कोरी से खुलकर बातचीत की.बातचीत के प्रमुख अंश
बीते साल आप काफी अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में नजर आयी थीं. गुजरे साल को कैसे याद करती हैं?
मैं बेहद ग्रेटफुल और थैंकफुल हूं कि एक ही साल में मुझे इतना सारा काम करने का मौका मिला. रात अकेली है, खाकी: द बंगाल चैप्टर और परिक्रमा, हर प्रोजेक्ट को किसी न किसी स्तर पर दर्शकों का प्यार मिला. हाउसफुल को भी मैंने खूब एन्जॉय किया, क्योंकि यह मेरी पहली कॉमेडी थी.
हाउसफुल में आपकी भूमिका को देखकर कई लोगों ने कहा कि यह चित्रांगदा जैसी अभिनेत्री के लिए फिल्म नहीं थी ?
मैं कॉमेडी में खुद को आजमाना चाहती थी. सच बताऊं तो कॉमेडी करना बहुत मुश्किल होता है. लोगों को हंसाना आसान नहीं है. मैं यह भी कहना चाहूंगी कि जो फिल्म की कहानी मुझे सुनायी गयी थी और जो पर्दे पर आयी, उनमें काफी फर्क था. दरअसल, फिल्म की मेकिंग में कई तरह के फैक्टर्स काम करते हैं.फिल्म एडिटिंग टेबल पर बहुत ज्यादा जोड़ा -तोड़ा जाता है.
विगत साल सबसे मुश्किल किरदार कौन-सा था ?
रात अकेली है 2 में मीरा बंसल का किरदार बेहद एग्जॉस्टिंग है, लेकिन बीते साल का सबसे मुश्किल किरदार मेरे लिए खाकी: द बंगाल चैप्टर की निबेदिता था. उसका स्क्रीन टाइम कम था, इसलिए उतने ही समय में उस किरदार को समझना, जानना और फिर उसे परफॉर्म करके दर्शकों तक पहुंचाना, मेरे लिए एक बड़ी चुनौती थी.
सबसे ज्यादा तारीफें आपको किस किरदार के लिए मिली ?
रात अकेली है में मीरा बंसल के किरदार के लिए मुझे सबसे ज्यादा तारीफें मिली हैं. इंडस्ट्री के वे लोग, जिनसे रोज मुलाकात भी नहीं होती, जब खुद सामने से मैसेज कर तारीफ करें, तो समझ आता है कि वाकई उन्हें मेरा काम पसंद आया है.
आप इंडस्ट्री में काफी अरसे से हैं, लेकिन अब आपको अलग-अलग तरह के किरदार मिल रहे हैं. क्या पहली फिल्म से मिला स्मिता पाटिल का टैग इसकी एक वजह था?
मैं स्मिता जी की तरह फिल्में करना चाहती हूं. मिर्च मसाला, अर्थ और वारिस जैसी फिल्में करने का सपना हमेशा रहा है. जहां तक अब अलग-अलग किरदार मिलने की बात है, तो हर एक्टर का एक समय आता है और लगता है कि मेरा समय अब आया है. मैंने कभी नहीं सोचा था कि हाउसफुल या गलवान जैसी फिल्में मेरे पास आयेंगी. आखिरकार, किस्मत में जो लिखा होता है, वही आपको मिलता है.
अब तक की जर्नी में रिवॉर्ड और रिग्रेट क्या रहे हैं?
मेरी पहली ही फिल्म से मुझे बड़ा रिवॉर्ड मिल गया था. हजारों ख्वाहिशें ऐसी को लोग आज भी याद करते हैं और उसके गीता राव वाले किरदार को नाम से जानते हैं. रिग्रेट की बात करूं, तो मैंने कई फिल्में मना कर दी थीं. गैंगस्टर और तनु वेड्स मनु छोड़ने का अफसोस आज भी है. शाहरुख के साथ चलते चलते भी मैं नहीं कर पायी, क्योंकि उस वक्त मेरा नंबर बदल गया था. जिस वजह से शाहरुख़ चाहकर भी मुझसे कांटेक्ट नहीं कर पाए.उम्मीद है कि आने वाले सालों में ऐसे मौके फिर मिलेंगे.जब मुझे शाहरुख़ खान के साथ फिर से स्क्रीन शेयर करने का मौक़ा मिले
इस साल गलवान फिल्म आ रही है. सलमान खान के साथ अनुभव कैसा रहा?
यह आर्मी बेस्ड फिल्म है, लेकिन इसमें मेरा भी अच्छा रोल है. मेरे बहुत अच्छे परफॉरमेंस ओरिएंटेड सीन हैं. सलमान बहुत अच्छे एक्टर हैं. बहुत मेहनत करते हैं. सबके सीन्स पर ध्यान देते हैं. वह बहुत सिक्योर एक्टर हैं. कुछ सीन फैमिली के थे, जिसमें वो नहीं थे, लेकिन वह सुबह दस बजे सेट पर पहुंच जाते थे.
इस साल में क्या संकल्प लिया है?
मैं बहुत सारे रेजोल्यूशन बनाती हूं और इस नये साल में भी कई संकल्प लिए हैं. निजी जिंदगी से लेकर वर्क लाइफ तक. मैं लगातार काम करना चाहती हूं और अपने फोकस को बनाये रखना चाहती हूं. नये साल में इतनी हिम्मत हो कि मैं सही फैसले ले सकूं और जरूरत पड़ने पर कुछ नये चांस भी ले सकूं.
