Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ एक बार फिर दर्शकों की भावनाओं से खेल रहा है. अब तक आपने देखा कि परी की जिंदगी पूरी तरह बिखर चुकी है. तुलसी के कहने पर उसने रणविजय का घर तो छोड़ दिया, लेकिन उसके दिल का दर्द कम नहीं हुआ. तुलसी एक मां की तरह परी के साथ खड़ी है. कभी उसे अपने हाथों से खाना खिलाती है, तो कभी उसे हिम्मत देती है. तुलसी का ये प्यार देखकर परी फूट-फूटकर रो पड़ती है.
दूसरी ओर, अंगद का नजरिया बिल्कुल अलग है. वो वृंदा को याद दिलाता है कि परी पहले कैसी थी और उसके हिसाब से जो हो रहा है, वो उसके कर्मों का फल है. इसी बीच कहानी में एक और बड़ा तूफान आने वाला है, जो तुलसी और मिहिर की जिंदगी को पूरी तरह बदल देगा.
परी को पहले पति से मिलवाएगी तुलसी
आने वाले एपिसोड में मिहिर और तुलसी को पता चलेगा कि शांति निकेतन अब खतरे में है. उन्हें अपना घर बचाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है. इसी बीच तुलसी परी को रणविजय से पूरी तरह अलग करने का फैसला करती है और उसके तलाक की अर्जी डाल देती है. इतना ही नहीं, तुलसी परी की मुलाकात उसके पहले पति से भी करवाने वाली है, जिसकी दूसरी पत्नी की भी मौत हो चुकी है. यह फैसला कहानी में नए सवाल और उलझनें पैदा करेगा. कोर्ट की सुनवाई के बीच तुलसी और मिहिर का सामना उनके अपने बेटे गौतम विरानी से होती है. बेटे को देखकर दोनों के पैरों तले जमीन खिसक जाती है.
अपने बेटे के खिलाफ खड़ी होगी तुलसी
गौतम साफ कह देता है कि वह अपने ही माता-पिता के खिलाफ केस लड़ेगा और शांति निकेतन को उनसे छीन लेगा. तुलसी को अपने ही बेटे के खिलाफ खड़ा होना पड़ता है. इसी बीच मुन्नी सही वक्त पर शांति निकेतन के कागजात निकलवाकर तुलसी को सौंप देती है. मुन्नी की मदद से तुलसी कोर्ट में सबूत पेश करती है और गौतम की चाल नाकाम हो जाती है. अंत में तुलसी कोर्ट में अपने ही बेटे को हरा देती है, लेकिन इस जीत के साथ उसे ये भी समझ आ जाता है कि माता-पिता होने के बावजूद गौतम के दिल में उनके लिए कितनी नफरत भरी हुई है.
