Rahu Ketu Movie Review: दोस्ती, मस्ती और हंसी का तड़का, पुलकित सम्राट- वरुण शर्मा की जोड़ी में सजी ‘राहु केतु’

Rahu Ketu Movie Review: पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा की जुगलबंदी से सजी ‘राहु केतु’ एक हल्की-फुल्की और फ्रेश कॉमेडी है. दोनों की शानदार कॉमिक टाइमिंग और दोस्ताना केमिस्ट्री दर्शकों को खूब एंटरटेन करेगी.

By Divya Keshri | January 16, 2026 1:59 PM
  • मूवी रिव्यू: राहु केतु
  • कलाकार: पुलकित सम्राट, वरुण शर्मा, शालिनी पांडे, पीयूष मिश्रा, चंकी पांडे, अमित सियाल, मनु ऋषि चड्डा, सुमित गुलाटी
  • निर्देशक: विपुल विज
  • निर्माता: उमेश कुमार बंसल, सूरज सिंह, वर्षा कुकरेजा, प्रगति देशमुख
  • शैली: कॉमेडी
  • अवधि: 2 घंटे 17 मिनट
  • भाषा: हिंदी
  • रेटिंग- 3.5

पुलकित सम्राट, वरुण शर्मा, शालिनी पांडे स्टारर फिल्म ‘राहु केतु’ आज रिलीज हो गई है. यह फिल्म पहले ही सीन से अपनी सिचुएशनल कॉमेडी के जरिए दर्शकों को हंसाने में कामयाब रहती है. दोस्ती, मजेदार परिस्थितियां और जादुई अफरातफरी के साथ ‘राहु केतु’ आज के ट्रेंड वाली कॉमेडी फिल्मों से अलग पहचान बनाती है. फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसकी कॉमेडी बोलों से नहीं, बल्कि स्थितियों से निकलकर सामने आती है.

‘राहु केतु’ की कहानी

फिल्म की कहानी की शुरुआत हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से कस्बे से होती है. यहां लेखक चूरू लाल शर्मा (मनु ऋषि चड्ढा) अपनी नाकाम किस्मत और सूखी रचनात्मकता से जूझ रहा होती है. इसी दौरान उसकी जिंदगी में एक अजीब और रहस्यमय शख्स, फूफाजी, दस्तक देता है, जिसके पास एक ऐसी जादुई किताब है जो हकीकत और कल्पना की सीमाएं मिटा देती है. इस किताब के असर से राहु और केतु नाम के दो अनोखे किरदार सामने आते हैं. ये दोनों जितने भोले हैं, उतना ही बड़ा हंगामा भी अपने साथ लाते हैं. इनकी मौजूदगी जहां भी होती है, वहां अफवाहें जन्म लेती हैं, डर फैलता है और हास्य अपने चरम पर पहुंच जाता है. शहर के लोग इन्हें अशुभ मानने लगते हैं, लेकिन दर्शकों के लिए यही जोड़ी सबसे बड़ा मनोरंजन बन जाती है.

कॉमेडी और केमिस्ट्री का कमाल

वरुण शर्मा, राहु के किरदार में उनकी बॉडी लैंग्वेज, चेहरे के भाव और कॉमिक टाइमिंग लगातार हंसी बटोरती है. पुलकित सम्राट केतु के रूप में सहज, मासूम और चुलबुले अंदाज में नजर आते हैं और अपने रोल में पूरी तरह रच-बस जाते हैं. इन दोनों की केमिस्ट्री फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आती है. शालिनी पांडे, मीनू के किरदार में कहानी को ताजगी और भावनात्मक संतुलन देती हैं. वहीं, पीयूष मिश्रा फूफाजी के रूप में हर सीन में रहस्य और हल्की शरारत घोलते नजर आते हैं. चंकी पांडे का मोर्देखाई बिल्कुल अलग रंग में सामने आता है- थोड़ा सनकी, थोड़ा डरावना और काफी मजेदार. अमित सियाल, मनु ऋषि चड्ढा और सुमित गुलाटी जैसे कलाकार सहायक भूमिकाओं में कहानी को मजबूती देते हैं.

यह भी पढ़ें- The Raja Saab Collection: प्रभास की स्टार पावर भी फेल, 400 करोड़ के बजट के सामने ‘द राजा साब’ की कमाई फीकी, जानें 8वें दिन का हाल