Movies with Happy Endings: बॉलीवुड की इन फिल्मों की एंडिंग देख खिल उठेंगे आप, वीकेंड पर फैमिली के साथ करें एंजॉय

Movies with Happy Endings: फिल्मों के हैप्पी एंडिंग किसे नहीं पसंद है. ऐसे में अगर आप भी इस वीकेंड का स्ट्रेस दूर करना चाहते हैं और लाइफ में कुछ एक्साइटमेंट चाहते हैं तो बॉलीवुड की इन बेहतरीन हैप्पी एंडिंग वाली फिल्मों को देख लीजिए.

Movies with Happy Endings: हम जब भी कोई रोमांटिक या इमोशनल फिल्म देखते हैं तो उम्मीद करते हैं कि फिल्म के अंत में हीरो या हीरोइन का दिल न टूटे और एक हैप्पी एंडिंग हो जाए. क्योंकि फिल्में हमारी जिंदगी पर इतना गहरा प्रभाव डालती हैं कि फिल्म के हर किरदार को हम अपना मानकर चलते हैं. जैसे अगर हीरोइन रोती है तो हमारी भी आंखे नम हो जाती हैं. हीरो एक्शन करता है तो हम भी विलेन को अपना दुश्मन समझकर हीरो के जीतने की उम्मीद करने लगते हैं. ऐसे में अगर आपको भी फिल्मों के आखिर में हैप्पी एंडिंग पसंद है तो आज हम आपको बॉलीवुड की कुछ ऐसी बेहतरीन फिल्मों के नाम बताएंगे, जिन्हें देखकर आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाएगी.

दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे (1995)

आदित्य चोपड़ा की साल 1995 की सबसे कमाई वाली फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ को शाहरुख खान के फैंस आज भी बड़े चाव से देखते हैं. जब आखिर में अमरीश पुरी काजोल को बोलते हैं कि जा सिमरन जा जिले अपनी जिंदगी तो ऐसी खुशी होती है जैसे फिल्म में नहीं असल जिंदगी में आपको आजादी मिली हो. फिल्म में शाहरुख खान और काजोल की लव स्टोरी दिखाई गई है.

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कुछ कुछ होता है (1998)

करण जौहर की निर्देशित साल 1998 की रोमांटिक- कॉमेडी फिल्म कुछ कुछ होता है हम दोस्ती, प्यार और परिवार सबके मायने बखूबी समझाती है. फिल्म में शाहरुख खान, और काजोल लीड रोल में हैं. वहीं, सलमान खान के कैमियो रोल ने फिल्म में जान डाल दी. सलमान खान फिल्म में काजोल के मंगेतर का किरदार निभाते नजर आए हैं.

कभी खुशी कभी गम (2001)

करण जौहर की निर्देशित साल 2001 की शाहरुख खान और काजोल की रोमांटिक फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ पूरी अपनी टाइटल जैसी है. फिल्म में आपको जहां शाहरुख खान-काजोल और ऋतिक रोशन-करीना कपूर की प्यारी सी केमिस्ट्री आपको खुश करती है. वहीं, फिल्म में अमिताभ बच्चन का सख्त किरदार आपको मायूस भी करता है. लेकिन फिल्म की एंडिंग में आपको सब एक हैप्पी फैमिली के रूप में नजर आएंगे.

3 इडियट्स (2009)

राजू, फरहान और रैंचो की फिल्म 3 इडियट्स दोस्ती, प्यार और करियर को बेहतरीन तरीके से दर्शाती है. फिल्म का निर्देशन राजकुमार हिरानी ने किया है. इस फिल्म के लीड रोल में आमिर खान, आर माधवन और शर्मन जोशी हैं. फिल्म की शुरुआत जितनी मजेदार है उतनी ही बेहतरीन इसकी एंडिंग. अकाहिर में फरहान और राजू को को अपना दोस्त रैंचो मिल जाता है और पिया को उसका प्यार.

जिंदगी ना मिलेगी दोबारा (2011)

जोया अख्तर की निर्देशित साल 2011 की फिल्म जिदंगी ना मिलेगी दोबारा हम जिंदगी के कई अच्छे लेसन देती है. यह फिल्म सिखाती है कि जिदंगी 4 दिन की है, तो कल में नहीं आज में जीना सीखो. फिल्म के अंत में अर्जुन-लैला की शादी हो जाती है. इमरान और नूरिया एक हो जाते हैं. वहीं, कबीर नताशा को सच बोलकर खुशी से अलग हो जाता है. और नताशा अपनी जिंदगी में किसी और के साथ आगे बढ़ जाती है.

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Published by: Sheetal choubey

शीतल चौबे प्रभात खबर डिजिटल में एंटरटेनमेंट कंटेंट राइटर हैं. वह बॉलीवुड, साउथ सिनेमा, भोजपुरी, बॉक्स ऑफिस, OTT रिलीज, टीवी शोज और सोशल मीडिया पर वायरल एंटरटेनमेंट अपडेट्स को कवर करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि हर बड़ी एंटरटेनमेंट खबर पूरी फैक्ट-चेकिंग, सटीक जानकारी और आसान भाषा के साथ सबसे पहले पाठकों तक पहुंचे.

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मूल रूप से बिहार के बक्सर की रहने वाली शीतल की शुरुआती पढ़ाई कानपुर (उत्तर प्रदेश) में हुई. इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शब्द सांची से की, जहां उन्होंने एजुकेशन और एंटरटेनमेंट दोनों बीट्स पर काम किया. इसी दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग के साथ वॉइस ओवर और Adobe Premiere Pro पर बेसिक वीडियो एडिटिंग का अनुभव भी हासिल किया.

करीब एक साल के अनुभव के बाद साल 2024 में वह प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ीं. यहां वह रोजाना बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स, बॉलीवुड, साउथ सिनेमा, भोजपुरी इंडस्ट्री, OTT और टीवी से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं.

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