Javed Akhtar Controversy: 26/11 के अलावा जावेद अख्तर के इन 3 बयानों ने भी मचाया है बवाल,जानें कब-कब मचा हंगामा

कंगना रनौत और जावेद अख्तर के बीच आपको कोल्ड वॉर याद होगा. गीतकार ने एक्ट्रेस के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था. उन्होंने पंगा गर्ल के खिलाफ कहा था कि एक्ट्रेस ने एक इंटरव्यू में उनके खिलाफ निराधार आरोप लगया था.

Javed Akhtar Controversy: लेखक-मशूहर गीतकार जावेद अख्तर के 26/11 के बयान ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी. पाकिस्तान के लाहौर में आयोजित फैज फेस्टिवल में गीतकार ने ऐसा कुछ कहा, जिसे लेकर वो चर्चा में आ गए. उनके बयान को लेकर अलग-अलग रिएक्शन आ रहे है. कंगना रनौत ने भी उनकी तारीफ की थी. लेकिन ये पहली बार नहीं है जब वो अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में है. चलिए आपको बताते है जावदे अख्तर के वो 3 बड़े विवाद.

कंगना रनौत- जावेद अख्तर का कोल्ड वॉर

कंगना रनौत और जावेद अख्तर के बीच आपको कोल्ड वॉर याद होगा. गीतकार ने एक्ट्रेस के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था. उन्होंने पंगा गर्ल के खिलाफ कहा था कि उन्होंने इंटरव्यू में उनके खिलाफ निराधार आरोप लगया था. यह सुशांत की मौत के बाद की बात है. कंगना ने आरोप लगाया था कि जावेद अख्तर ने उन्हें ऋतिक रोशन से माफी ना मांगने पर धमकाया भी था.

जावदे अख्तर बुर्का और घूंघट को लेकर कही थी ये बात

जावदे अख्तर बुर्का और घूंघट को लेकर बयान दिया था, जिसपर काफी हंगामा हुआ था. 2019 में एक राजनीतिक दल बुर्के पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून लाना चाहता था. इस पर रिएक्ट करते हुए जावेद ने पीटीआई-भाषा से कहा था, कि अगर आप भारत में बुर्के पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून लाना चाहते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन फिर घूंघट पर भी प्रतिबंध लगना चाहिए. हालांकि बाद में उन्होंने इसपर सफाई दी थी.

‘बेशर्म रंग’ के विवाद पर बोले थे लेखक- यह मेरे या आपके…

शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ के गाने ‘बेशर्म रंग’ पर काफी विवाद हुआ था. इसके कुछ सीन पर आपत्ति जताई गई थी. इसपर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, यह मेरे या आपके लिए नहीं है कि यह तय करें कि गीत सही है या गलत. यह हमारी एक एजेंसी है. सरकार के लोग है और समाज का एक क्रॉस-सेक्शन फिल्म देखता है और तय करता है कि क्या पास होगा और क्या नहीं होगा. मुझे लगता है कि हमें उस प्रमाणीकरण में भरोसा होना चाहिए, जो कटौती वे सुझाते हैं और वे क्या पास करते हैं.

एक प्रशंसक को जवाब देते हुए जावेद अख्तर ने कहा था कि, एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप हमें नहीं करना चाहिए, इससे मसले नहीं सुलझते. उन्होंने कहा -जो गर्म है फिजा, वो कम होनी चाहिए. उन्होंने कहा हम तो मुंबई वाले हैं, हमने देखा है कि किस तरह हमारे देश पर हमला हुआ था. वे लोग नार्वे से तो आये नहीं थे और ना ही इजीप्ट से आये थे. वे लोग आज भी आपके मुल्क में मौजूद हैं और आजाद घूम रहे हैं. इस घटना को लेकर अगर हिंदुस्तानियों के मन में शिकायत है, तो आपको बुरा नहीं मानना चाहिए.

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Published by: Divya keshri

दिव्या केशरी एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम की लीड के रूप में कार्यरत हैं. वह 2020 से प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ी हुई हैं और तब से लगातार फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री की खबरों को कवर कर रही हैं. उनके पास लगभग 7 साल का जर्नलिज्म एक्सपीरियंस है. एंटरटेनमेंट पत्रकारिता में उनकी मजबूत पकड़ फिल्म, वेब सीरीज, टीवी शो, बॉक्स ऑफिस, सेलिब्रिटी इंटरव्यू, बीटीएस अपडेट्स, थ्रोबैक स्टोरी, गॉसिप और ट्रेंडिंग एंटरटेनमेंट न्यूज पर है. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर को आसान, भरोसेमंद और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाया जाए, ताकि पाठक सिर्फ जानकारी ही नहीं, बल्कि खबर से जुड़ाव भी महसूस करें.

शिक्षा और पत्रकारिता की शुरुआत

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