गोविंदा आमिर खान से भी बड़े परफेक्शनिस्ट हैं… शगुफ्ता अली का दावा, बताया क्यों 25 बार करते थे रिहर्सल

शगुफ्ता अली ने गोविंदा को आमिर खान से भी बड़ा 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' बताया है. उन्होंने खुलासा किया कि गोविंदा एक सीन के लिए 25 बार तक रिहर्सल करते थे, लेकिन उनकी देर से सेट पर पहुंचने की आदत से कादर खान समेत पूरी टीम परेशान रहती थी.

बॉलीवुड में जब भी 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' का नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले आमिर खान का नाम सामने आता है. लेकिन अब एक्ट्रेस शगुफ्ता अली ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया. उन्होंने कहा कि गोविंदा आमिर खान से भी बड़े परफेक्शनिस्ट हैं. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि गोविंदा की एक आदत पूरी टीम को परेशान कर देती थी. आइए जानते हैं उन्होंने क्या-क्या बताया.

Hero No. 1 Shoot: 'हीरो नंबर 1' की शूटिंग किसी पिकनिक से कम नहीं थी

शगुफ्ता अली ने सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में बताया कि 'हीरो नंबर 1' की शूटिंग का अनुभव उनकी जिंदगी के सबसे यादगार पलों में से एक था. उन्होंने कहा कि पूरी टीम हमेशा हंसी-मजाक करती रहती थी. चाहे गोविंदा सेट पर हों या करिश्मा कपूर, माहौल हमेशा हल्का और खुशियों से भरा रहता था.

उन्होंने बताया कि ऊटी में फिल्म की शूटिंग चल रही थी और पूरी टीम मिथुन चक्रवर्ती के होटल में ठहरी हुई थी. जब मिथुन दा को पता चला कि फिल्म की टीम उनके होटल में रुकी है, तो वह खुद सभी से मिलने पहुंचे. इतना ही नहीं, उन्होंने अपने हाथों से स्वादिष्ट सी-फूड बनाकर पूरी टीम को खिलाया. शगुफ्ता ने कहा कि ऐसा लग रहा था जैसे शूटिंग नहीं, बल्कि छुट्टियां मना रहे हों.

Govinda Perfectionist: एक सीन के लिए 25 बार करते थे रिहर्सल

शगुफ्ता अली ने कहा कि गोविंदा अपने काम को लेकर बेहद गंभीर रहते थे. वह किसी भी सीन को हल्के में नहीं लेते थे. एक सीन की शूटिंग से पहले वह 20 से 25 बार रिहर्सल करते थे ताकि हर एक्सप्रेशन, हर डायलॉग और हर मूवमेंट बिल्कुल सही हो.

उन्होंने बताया कि कई बार निर्देशक डेविड धवन शॉट को ओके कर देते थे, लेकिन गोविंदा खुद संतुष्ट नहीं होते थे. ऐसे में वह दोबारा टेक लेने की बात कहते थे. वह अपने साथ काम कर रहे कलाकारों से माफी भी मांगते थे, लेकिन जब तक उन्हें लगता नहीं था कि शॉट पूरी तरह सही है, तब तक वह शूट खत्म नहीं करते थे. शगुफ्ता ने कहा,
"मेरी नजर में गोविंदा आमिर खान से भी बड़े परफेक्शनिस्ट हैं. उनके अंदर परफेक्शन की चाह इतनी ज्यादा थी कि वह किसी भी तरह का समझौता नहीं करते थे."

Govinda Late On Set: रोज 4-5 घंटे देर से पहुंचते थे, सबको करना पड़ता था इंतजार

जहां एक तरफ गोविंदा अपने काम को लेकर बेहद परफेक्ट थे, वहीं उनकी एक आदत पूरी यूनिट को परेशान कर देती थी. शगुफ्ता ने बताया कि अगर सुबह 9 बजे की शिफ्ट होती थी, तो गोविंदा अक्सर दोपहर 1 या 2 बजे तक सेट पर पहुंचते थे.

यानी पूरी टीम को कई-कई घंटे उनका इंतजार करना पड़ता था. उन्होंने कहा कि यही गोविंदा की सबसे बड़ी कमी थी. इसके अलावा वह बहुत अच्छे इंसान थे, सभी से प्यार से मिलते थे और सेट पर खूब मजाक करते थे.

गोविंदा की इस आदत से नाराज हो जाते थे कादर खान

शगुफ्ता अली ने बताया कि गोविंदा के देर से आने की वजह से सबसे ज्यादा नाराज कादर खान होते थे. वह खुलकर गुस्सा नहीं करते थे, लेकिन अपनी नाराजगी जाहिर जरूर करते थे. बाकी कलाकार भी परेशान हो जाते थे, क्योंकि उन्हें रोज घंटों तक इंतजार करना पड़ता था.

उन्होंने कहा कि पूरी टीम चाहकर भी कुछ नहीं कर सकती थी. सभी जानते थे कि गोविंदा देर से आएंगे, इसलिए सबको इंतजार करना ही पड़ता था.

Govinda Spiritual Side: होटल के कमरे में बना रखा था छोटा मंदिर

शगुफ्ता अली ने गोविंदा की धार्मिक और आध्यात्मिक सोच का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि गोविंदा शुभ समय में काम करना पसंद करते थे और भगवान में उनकी गहरी आस्था थी.

एक बार फिल्म 'बनारसी बाबू' की शूटिंग के दौरान उनके होटल के कमरे का पंखा खराब हो गया. जब यह बात गोविंदा को पता चली, तो वह तीन दिनों के लिए मुंबई जा रहे थे. उन्होंने अपना कमरा शगुफ्ता को दे दिया.
जब शगुफ्ता कमरे में गईं, तो उन्होंने देखा कि कमरे के एक कोने में गोविंदा ने बहुत सुंदर छोटा-सा मंदिर बनाया हुआ था. मंदिर को देखकर उन्होंने वहां रहने से मना कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि कहीं उनसे गलती से मंदिर का अनादर न हो जाए. लेकिन गोविंदा ने प्यार से समझाया और उनका सामान उसी कमरे में रखवा दिया.

Govinda Career: 90 के दशक के सुपरस्टार, अब बड़े पर्दे से दूर

गोविंदा 90 के दशक के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में शामिल रहे हैं. उन्होंने राजा बाबू, कूली नंबर 1, हीरो नंबर 1, साजन चले ससुराल, दुल्हे राजा, बड़े मियां छोटे मियां, हसीना मान जाएगी और पार्टनर जैसी कई सुपरहिट फिल्में दीं.

हालांकि 2000 के बाद उनके करियर की रफ्तार धीमी पड़ गई. साल 2007 में पार्टनर ने उन्हें शानदार वापसी दिलाई, लेकिन वह इस सफलता को लंबे समय तक कायम नहीं रख सके. उनकी आखिरी फिल्म 'रंगीला राजा' थी, जिसमें उन्होंने डबल रोल निभाया था. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही. इसके बाद से गोविंदा बड़े पर्दे से लगभग दूर हैं, लेकिन आज भी उनके फैंस उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं.

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By शीतल चौबे

शीतल चौबे प्रभात खबर डिजिटल में एंटरटेनमेंट कंटेंट राइटर हैं. वह बॉलीवुड, साउथ सिनेमा, भोजपुरी, बॉक्स ऑफिस, OTT रिलीज, टीवी शोज और सोशल मीडिया पर वायरल एंटरटेनमेंट अपडेट्स को कवर करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि हर बड़ी एंटरटेनमेंट खबर पूरी फैक्ट-चेकिंग, सटीक जानकारी और आसान भाषा के साथ सबसे पहले पाठकों तक पहुंचे.

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मूल रूप से बिहार के बक्सर की रहने वाली शीतल की शुरुआती पढ़ाई कानपुर (उत्तर प्रदेश) में हुई. इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शब्द सांची से की, जहां उन्होंने एजुकेशन और एंटरटेनमेंट दोनों बीट्स पर काम किया. इसी दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग के साथ वॉइस ओवर और Adobe Premiere Pro पर बेसिक वीडियो एडिटिंग का अनुभव भी हासिल किया.

करीब एक साल के अनुभव के बाद साल 2024 में वह प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ीं. यहां वह रोजाना बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स, बॉलीवुड, साउथ सिनेमा, भोजपुरी इंडस्ट्री, OTT और टीवी से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं.

नई फिल्में, वेब सीरीज, एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स और डिजिटल मीडिया की बदलती दुनिया को लगातार फॉलो करना शीतल को पसंद है. उनका फोकस ऐसी स्टोरीज लिखने पर रहता है जो तेज, भरोसेमंद, SEO-फ्रेंडली और रीडर्स के लिए पूरी तरह वैल्यू देने वाली हों.

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