अनुपमा: अनुपमा में दिखाया जाएगा कि अंश और प्रार्थना बच्चे को लेकर बात करते हैं. प्रार्थना को गौतम की चिंता है और वह अंश से बच्चे को गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने को कहती है. दोनों इस बात पर भी चर्चा करते हैं कि उनके घर बेटा आएगा या बेटी. घर में पाखी और दिवाकर सगाई की तैयारी करते हैं. लीला, दिवाकर से उसके माता-पिता के बारे में पूछती है तो वह कहता है कि दोनों बीमार हैं. पाखी सबको सवाल न करने को कहती है. वह नाश्ते को लेकर भी गुस्सा दिखाती है. किंजल समय निकालने की कोशिश करती है, क्योंकि वह अनुपमा का इंतजार कर रही होती है.
दिवाकर का परिवार आएगा शाह हाउस में
दिवाकर अंगूठी दिखाता है और मन ही मन सोचता है कि सस्ती अंगूठी से पाखी को प्रभावित कर वह उसकी प्रॉपर्टी अपने नाम करवा लेगा. तभी सगाई के बीच एक लड़का आकर सबको चौंका देता है. उसी वक्त अनुपमा वहां पहुंचती है और कहती है कि बिना परिवार के सगाई अधूरी है, इसलिए वह दिवाकर की पत्नी और बेटे को भी साथ लाई है. यह सुनकर पाखी, इशानी और लीला हैरान रह जाते हैं. अनुपमा सबके सामने सच रखती है कि दिवाकर का असली नाम करण है और वह पहले से शादीशुदा है. दिवाकर इंकार कर देता है कि वह खुशी और वरुण को नहीं जानता. यह सुनते ही खुशी का गुस्सा फूट पड़ता है और वह दिवाकर को थप्पड़ मार देती है. वह उससे कहती है कि अगर वह सच बोल रहा है तो अपने बेटे की कसम खाए.
फूट-फूट कर रोएगी पाखी
पाखी को अब भी यकीन नहीं होता और वह अनुपमा पर ही आरोप लगा देती है कि वह दिवाकर को फंसाने की कोशिश कर रही है. अनुपमा, पाखी को एक वीडियो दिखाती है, जिसमें करण खुशी और वरुण के साथ नजर आ रहा होता है. पाखी गुस्से में दिवाकर को थप्पड़ मारती है और उसे पुलिस के हवाले करने का फैसला करती है. परितोष भी गुस्से में भर जाता है और कहता है कि दिवाकर ने पाखी की जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश की है. किंजल तो यहां तक कह देती है कि उसे चप्पलों से मारते हुए थाने ले जाना चाहिए. पाखी, अनुपमा के सामने फूट-फूटकर रोती है. अनुपमा उसे समझाती है कि इशानी उससे बहुत प्यार करती है.
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