Monika Lohan Success Story: हरियाणा के जींद जिले के राजपुरा गांव की बेटी मोनिका लोहान बिहार बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) में 23वीं रैंक लाकर अफसर बनी हैं. अपनी पोती की सफतला पर उनकी 100 वर्ष की दादी ने भी जमकर जश्न मनाया. खुशी में उन्होंने अपनी पोती को नोटों की माला पहनाई़ आइए जानते है उनकी सक्सेस स्टोरी के बारे में.
Monika Designated Post: किस पद पर मोनिका होंगी कार्यरत?
23वीं रैंक के साथ BPSC क्रैक करने के बाद मोनिका लेबर एंड एनफोर्समेंट ऑफिसर के पद में कार्यरत हैं. यह एक महत्वपूर्ण सरकारी पद है, जो वर्केस के अधिकारों की रक्षा और लेबर लाॅ को लागू करने का काम करता है.
गांव की पहली महिला अफसर मोनिका
पूरा राजपुरा गांव मोनिका की इस कामयाबी पर गर्व महसूस कर रहा है. वह BPSC के जरिए अफसर बनने वाली अपने गांव की पहली लड़की हैं और उन्होंने यह उपलब्धि अपने पहले ही प्रयास में हासिल की है.
Monika Family Background: क्या है मोनिका का फैमिली बैकग्राउंड?
जानाकारी के अनुसार मोनिका का छोटा भाई शशि मिलिट्री (सिविल सेवा) में है. उनके चाचा राजेश लोहान हरियाणा पुलिस में एएसआई के पद पर तैनात हैं. उनकी मां ऊषा रानी गृहिणी हैं. पिता रमेश तितरम थाना प्रभारी बनने से पहले कैथल में यातायात पुलिस प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
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Education Qualification: क्या है मोनिका का एजुकेशन क्वालिफिकेशन?
मोनिका लोहान की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने इंदिरा गांधी कॉलेज (जींद) से ग्रेजुएशन पास किया है. इसके बाद मुरथल युनिवर्सिटी से एमएससी की और जुलाना (जींद) से बीएड की डिग्री हासिल की है.
Monika Father's Reaction: क्या कहा पिता ने?
मीडिया के साथ एक इंटरव्यू में मोनिका लोहान के पिता रमेश लोहान ने BPSC में बेटी की सफलता की पूरी कहानी साझा की. उन्होंने बताया कि उनकी मां रजनी देवी की उम्र 100 साल हो चुकी है और वे अपने गांव राजपुरा की सबसे बुजुर्ग महिला हैं. उन्होंने बताया कि पोती के अफसर बनने की बात सुतने ही उन्होंने हाथ जोड़कर धरती माता और ईश्वर को प्रणाम किया. वे बोलीं कि भगवान ने उनकी पोती की मेहनत की लाज रख ली.
5km. of Procession: खुशी में निकाला गया जुलूस
मोनिका लोहान के अफसर बनने पर ग्रामीण उनका कांग्रेचुलेशन करने के लिए राजपुरा गांव से 5 किलोमीटर दूर इक्कास चौराहे तक पहुंच गए थे. इसके बाद उन्हें खुली जीप में बैठाकर जुलूस निकाला गया. रास्ते में रामराय गांव बस स्टैंड, कुटिया और शहीदी स्मारक के पास भी ग्रामीणों ने उन पर फूल बरसाकर भव्य स्वागत किया.
