12 वर्षों में अच्छा बदलाव! 2013 के मुकाबले 2025 में छात्र-शिक्षक रेशियो में हुआ शानदार सुधार

Pupil-Teacher Ratio: PTR रिपोर्ट 2025-26 में देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में हुए बड़े सुधार को दर्शाया गया है. मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन और समग्र शिक्षा की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 12 वर्षों में सभी स्कूल स्तरों पर छात्र-शिक्षक रेशियो बेहतर हुआ है. इससे शिक्षकों को प्रत्येक छात्र पर अधिक समय देने का अवसर मिलेगा, एजुकेशन क्वालिटी सुधरेगी और छात्रों को बेहतर गाइडेंस और हेल्प मिलेगी.

Pupil-Teacher Ratio: देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में पिछले 12 वर्षों के दौरान काफी सुधार देखने को मिला है. मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन और समग्र शिक्षा की ओर से X पर जारी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2013-14 की तुलना में 2025-26 में सभी स्कूल स्तरों पर Pupil-Teacher Ratio (PTR) यानी छात्र-शिक्षक रेशियो में उच्छा सुधार देखने को मिला है। आइए इस बारे में डिटेल में जानते हैं.

Pupil-Teacher Ratio (PTR) क्या है ?

Pupil-Teacher Ratio (PTR) यानी छात्र-शिक्षक रेशियो, का अर्थ है कि एक शिक्षक पर रेशियो के मुताबिक कितने छात्र हैं. यह रेशियो अगर मैनेज रहता है, तो शिक्षक प्रत्येक छात्र पर अधिक समय और ध्यान दे सकते हैं. अच्छी एजुकेशन के लिए स्कूलों में यह रेशियो सही रहना बहुत जरूरी है.

Primary Level: प्राइमरी लेवल पर सबसे अधिक फायदा

मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन और समग्र शिक्षा की ओर से X पर जारी रिपोर्ट के अनुसार प्राइमरी स्कूल में वर्ष 2013-14 में एक शिक्षक के जिम्मे लगभग 31 छात्र होते थे. हालांकि अब यह संख्या घटकर 19 छात्र प्रति शिक्षक रह गई है. यह एक अच्छा अंतर है.

Upper Primary Level: जानिए इस लेवल पर क्या चेंजेस

अपर प्राइमरी स्कूलों में वर्ष 2013-14 में हर 25 छात्रों पर जहां 1 शिक्षक थे. वहीं 2025-26 में हर 17 छात्रों पर 1 शिक्षक की रेशियो हो गई है. इससे शिक्षकों के लिए प्रत्येक छात्र पर नजर रखना पहले की तुलना में अधिक आसान हो गया है.

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Secondary Level: सेकेंडरी लेवल पर भी हुआ सुधार

X पर जारी रिपोर्ट के अनुसार सेकेंडरी लेवल पर भी काफी अच्छा बदलाव देखने को मिला है. रिपोर्ट के अनुसार सेकेंडरी लेवल पर 2013-14 में जो छात्र-शिक्षक रेशियो 25:1 था. वहीं 2025-26 में यह 15:1 हो गया है.

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Higher Secondary: इस लेवल पर सबसे बड़ा अंतर

हायर सेकेंडरी स्कूलों में वर्ष 2013-14 में एक शिक्षक पर 40 छात्र थे. हालांकि अब यह संख्या घटकर 23 छात्र प्रति शिक्षक रह गई है. यह 12 वर्षों में एक बहुत अच्छा सुधार है. इससे हायर स्टडीज कर रहे स्टूडेंट्स को एक अच्छा और बेहतर गाइड मिल सकता है.

How Benificial for Students: छात्रों को कैसे मिलेगा लाभ?

  • प्रत्येक छात्र पर शिक्षक अधिक समय दे सकेंगे.
  • स्टूडेंट को अच्छी गइडेंस मिलेगी.
  • शिक्षक स्टूडेंट्स का डाउट क्लियर अच्छे से कर सकेंगे.
  • कमजोर स्टुडेंट्स पर शिक्षक विशेष ध्यान दे सकेंगे.

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Note: नीचे दी गई इमेज में X पर जारी रिपोर्ट का स्क्रीनशाॅट दिया गया है.


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लेखक के बारे में

By प्रगति सिन्हा

मैं प्रगति सिन्हा पिछले लगभग 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ी हूं। मुझे मुख्य रूप से शिक्षा से जुड़ी खबरों और उसमे हो रहे बदलावों व अपग्रेडेशन को समझना एवं उसे लोगों तक पहुंचाना पसंद है। प्रभात खबर डिजिटल के माध्यम से मेरा प्रयास रहता है कि शिक्षा जगत में हो रहे महत्वपूर्ण घटनाक्रम, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे और नई योजनाओं की जानकारी रीडर्स तक पहुंचा सकूं। मैं इससे पहले कोलकाता स्थित सन्मार्ग हिंदी डेली में एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुकी हूं.

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