Pariksha Pe Charcha: “सबके पास सिर्फ 24 घंटे”, PM Modi ने छात्रों को टाइम मैनेजमेंट पर दिए टिप्स

Pariksha Pe Charcha: पीएम मोदी ने आज स्कूली बच्चों और उनके अभिभावक और शिक्षकों के साथ परीक्षा पे चर्चा की जिसमें उन्होंने टाइम मैनेजमेंट, सेल्फ डेवलपमेंट और एग्जाम की तैयारी पर काफी अच्छे टिप्स दिए.

Pariksha Pe Charcha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज स्कूली बच्चों के साथ परीक्षा पे चर्चा की. इसमें पीएम मोदी के अलावा कई सेलिब्रिटीज भी शामिल थे. इस कार्यक्रम के लिए 3 करोड़ से भी अधिक छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया था और उनके अलावा 19.80 लाख शिक्षक और 5.20 लाख अभिभावकों ने भी इस विशेष कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन किया था. पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए इस खास कार्यक्रम का यह आठवां संस्करण था. आज के इस विशेष कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने टाइम मैनेजमेंट, परीक्षा की तैयारी और सेल्फ डेवलपमेंट को लेकर कई लाभदायक टिप्स शेयर किए और साथ ही बच्चों का हौसला बढ़ाया.

किताबी कीड़ा न बनें

पीएम मोदी ने बच्चों को संबोधित करते हुए खास तौर से उन्हें किताबी कीड़ा बनने से बचने को कहा. उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें और परीक्षा के दबाव से बचने के लिए संतुलित जीवनशैली अपनाएं। पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों को यह समझना चाहिए कि परीक्षा जीवन का केवल एक हिस्सा है और इसके परिणामों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है उनका समग्र विकास. उन्होंने यह भी सलाह दी कि विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी अपनी रुचि बनाए रखें, ताकि वे मानसिक रूप से स्वस्थ और सक्रिय रहें. उन्होंने कहा कि जीवन के हर पहलू को समझना और विविध अनुभव प्राप्त करना उतना ही आवश्यक है जितना कि अच्छी शिक्षा प्राप्त करना. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि अगर किसी विद्यार्थी को पढ़ाई में कोई मुश्किल आ रही है, तो उसे उसे एक चुनौती के रूप में देखना चाहिए, ना कि किसी बोझ के रूप में.

अभिभावकों के लिए PM Modi की खास सलाह

पीएम मोदी ने कहा कि माता-पिता को बच्चों पर अपनी इच्छाएं नहीं थोपनी चाहिए, क्योंकि हर बच्चा अलग-अलग चीजों में अच्छा होता है. जैसे सचिन तेंदुलकर खेल में अच्छे हैं, लेकिन पढ़ाई में नहीं. एक बार मुझसे पूछा गया कि अगर मैं प्रधानमंत्री नहीं होता और मंत्री होता, तो कौन सा विभाग चुनता? मैंने कहा कि मैं “स्किल डेवलपमेंट” विभाग चुनता, क्योंकि स्किल बहुत महत्वपूर्ण है. माता-पिता को बच्चों की स्किल पर ध्यान देना चाहिए. बच्चों से पीएम ने कहा कि मम्मी-पापा को समझाओ कि अगर आप दुखी और थके हुए रहेंगे, तो क्या आप अच्छे से परीक्षा दे पाएंगे? हम रोबोट नहीं हैं, इंसान हैं. पीएम ने यह भी कहा कि बच्चों को केवल किताबों में बंद करके दबाव नहीं बनाना चाहिए. उन्हें खुला आकाश चाहिए और उनकी पसंद की कुछ चीजें.

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By Pushpanjali

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