IITian का छलका दर्द! रैंक पूछने वाले बहुत मिले, संघर्ष समझने वाला कोई नहीं

JEE Advanced 2026: एग्जाम स्ट्रेस, मेंटल प्रेशर और तैयारी के दौरान अकेलापन को लेकर एक IITian ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि हर स्टूडेंट को तैयारी के दौरान अकेलेपन से गुजरना होता है जबकि सफलता के बाद उनके साथ बहुत से लोग होते हैं.

JEE Preparation Struggle: का रिजल्ट जारी हो चुका है. देशभर में टॉप करने वाले और सफल छात्रों के बीच खुशी का माहौल है. हर साल की तरह इस बार भी रैंक, स्कोर और सफलता की कहानियां सुर्खियों में हैं. लेकिन सफलता की इस चमकती दुनिया में रिजल्ट के पीछे का संघर्ष, अकेलापन और मेंटल प्रेशर कौन देखता है? सोशल मीडिया पर एक IITian ने इस बात को रखा. उन्होंने अपनी तैयारी के दिनों को याद करते हुए बताया कि वे दिन कितने कठिन थे और उस दौरान वे कैसा फील करती थीं.

रिजल्ट मैटर करता है, पर मेंटल प्रेशर की कोई बात नहीं करता

सोनल खोलवाल ने अपने एक लिंक्डइन पोस्ट में कहा कि लोग अक्सर JEE की तैयारी, बुक्स और स्ट्रैटजी और रैंक की बात करते हैं. लेकिन उस मेंटल प्रेशर के बारे में बहुत कम बात होती है, जिससे हर अभ्यर्थी गुजरता है. उन्होंने कहा कि परीक्षा तो केवल एक दिन की होती है, लेकिन तैयारी का दौर हर दिन चलता है. कई बार सुबह उठकर यह सवाल मन में आता था कि क्या मैं पूरी मेहनत कर रही हूं.

सोनल खोलवाल का लिंक्डइन पोस्ट (PC-LinkedIn)

IITian ने बताई अपनी कहानी, तैयारी के दौरान अकेलापन महसूस करती थीं

सोनल ने बताया कि उन्होंने NIT Jalandhar में मिली सीट छोड़कर कोविड काल के दौरान JEE Advanced की तैयारी करने का फैसला किया था. उनके अनुसार, सबसे मुश्किल हिस्सा सिलेबस पूरा करना नहीं था, बल्कि अकेलापन था. सोनल ने कहा कि हर स्टूडेंट को अकेलेपन से गुजरना पड़ता है. तैयारी के इस दौर में स्टूडेंट्स के साथ सिर्फ बुक्स और अपने विचार होते हैं. उन्होंने अपने बारे में बताया कि कई बार उन्हें सेल्फ डाउट होता था, जिसका लेवल इतना हाई होता था कि पढ़ाई से ध्यान भटक जाता था.

परीक्षा से सिर्फ तैयारी का पता चलता है

आगे सोनल कहती हैं कि स्ट्रगल तो था, लेकिन इससे उन्हें एक महत्वपूर्ण सीख मिली. सोनल कहती हैं कि खुद पर डाउट होना असफल होने का संकेत नहीं है. इसका मतलब है कि आप किसी ऐसी चीज के लिए प्रयास कर रहे हैं, जो आपके लिए रियल में बहुत जरूरी है. उनके अनुसार, परीक्षा केवल आपकी तैयारी को परखती है, लेकिन तैयारी के दौरान का समय आपकी पर्सनालिटी की परीक्षा लेता है.

लाखों अभ्यर्थियों को मिली प्रेरणा

सोनल ने IIT Delhi से बीटेक की पढ़ाई की है. JEE Advanced के नतीजों के बीच सोनल की यह कहानी उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो लंबे समय से टफ परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और कई बार असफल हो चुके हैं. यह याद दिलाता है कि सफलता केवल रैंक हासिल करने का नाम नहीं है, बल्कि उन मुश्किल दिनों से गुजरकर भी अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहने का नाम है.

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Published by: Shambhavi Shivani

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