IIT JEE Rules: आईआईटी Roorkee का कहना है कि JEE एडमिशन के लिए देशभर में 36 अलग अलग बोर्ड के छात्र शामिल होते हैं. अगर हर बार नियम बदल दिया जाए तो सिस्टम में गड़बड़ी हो जाएगी. इसलिए 75% या टॉप 20 percentile वाला नियम सभी के लिए बराबर रखा गया है. मतलब सबके लिए एक ही सख्त लाइन है.
CBSE मार्क्स विवाद के बीच भी राहत नहीं
हाल ही में CBSE मार्क्स को लेकर कुछ दिक्कतें सामने आई थीं. कई छात्रों को लगा कि शायद इस बार नियम थोड़ा नरम हो जाएगा. लेकिन IIT Roorkee ने साफ कर दिया कि ऐसा कुछ नहीं होगा. नियम पहले से तय था और उसे बदलना अब संभव नहीं है.
IIT Roorkee ने यह भी बताया कि पिछले साल कई छात्रों ने सिर्फ कम प्रतिशत की वजह से IIT और NIT की सीटें खो दी थीं. इसलिए इस बार भी कोई ढील नहीं दी जा रही है ताकि सभी बोर्ड के छात्रों के लिए एक बराबर सिस्टम बना रहे.
IIT JEE Rules: सभी बोर्ड के लिए एक जैसा नियम
देश में 36 अलग अलग बोर्ड हैं और हर बोर्ड का पैटर्न अलग होता है. ऐसे में IIT चाहता है कि सभी छात्रों के लिए एक समान नियम लागू हो. इसलिए 75% वाला क्राइटेरिया सभी पर लागू रहेगा, चाहे कोई भी बोर्ड हो.
IIT Roorkee ने यह भी कहा है कि वह CBSE के साथ लगातार संपर्क में है. जिन छात्रों को मार्क्स या रिजल्ट से जुड़ी दिक्कतें हैं, उनके मामले को प्राथमिकता से देखने की कोशिश की जाएगी. यानी नियम सख्त है लेकिन बातचीत का रास्ता खुला है.
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