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Friday, March 1, 2024

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National Mathematics Day 2023: गणित को बनाएं सफलता का सूत्र, ये हैं 5 बेहतरीन करियर ऑप्शन

मैथमेटिक्स को मुख्य विषय के तौर पर अपनाकर आप अपने लिए विकल्पों की दुनिया खोल सकते हैं, जिसमें इंजीनियरिंग, स्टेटिस्टिक्स, कंप्यूटर साइंस, इंश्योरेंस, इकोनॉमिक्स, एस्ट्रोनॉमी, बैंकिंग एवं अकाउंटेंसी आदि राहें मौजूद हैं.

National Mathematics Day 2023: महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के दिन 22 दिसंबर को भारत में राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाता है. आर्थिक से लेकर सामाजिक प्रगति तक में गणित अहम भूमिका निभाती है. गणित एक ऐसा विषय है, जिसका टेक्नोलॉजी से लेकर मेडिसिन तक अधिकांश क्षेत्रों में उपयोग होता है. आपकी अगर आंकड़ों में रुचि है, तो आप इस विषय के साथ आगे बढ़ते हुए एक बेहतर भविष्य का आधार बना सकते हैं. जानें मैथमेटिक्स के पांच बेहतरीन करियर विकल्पों के बारे में…

गणित में पढ़ाई कर बनाएं करियर

भारत में गणित करियर के व्यापक अवसर प्रदान करता है. किसी महान विचारक ने कहा है कि गणित सभी मनुष्यों के लिए एक महान प्रेरणा है, क्योंकि यह शून्य से शुरू होकर अनंत की ओर जाती है. सरल शब्दों में कहें, तो मैथमेटिक्स को मुख्य विषय के तौर पर अपनाकर आप अपने लिए विकल्पों की दुनिया खोल सकते हैं, जिसमें इंजीनियरिंग, स्टेटिस्टिक्स, कंप्यूटर साइंस, इंश्योरेंस, इकोनॉमिक्स, एस्ट्रोनॉमी, बैंकिंग एवं अकाउंटेंसी आदि राहें मौजूद हैं. आमतौर पर छात्र मैथमेटिक्स विषय के साथ इंजीनियरिंग में आगे बढ़ते हैं, लेकिन इससे इतर भी कई रास्ते हैं, जो बेहतरीन भविष्य की ओर ले जाते हैं.

स्टेटिस्टिशियन

स्टेटिस्टिक्स यानी सांख्यिकी गणित की एक शाखा है, जो डेटा एकत्र करने, विश्लेषण करने एवं व्याख्या करने से संबंधित है. पारिभाषिक दृष्टि से कह सकते हैं कि स्टेटिस्टिक्स स्टडी लॉजिक, मैथमेटिक्स, स्टेटिस्टिकल रीजनिंग, डेटा के विश्लेषण, डेटा के मूल्यांकन और अनुसंधान विधियों की बुनियादी अवधारणाओं पर केंद्रित विषय है. स्टेटिस्टिक्स में करियर बनाने के इच्छुक व्यक्ति में विश्लेषणात्मक सोच और गणित में गहरी रुचि होनी चाहिए. तीन वर्षीय बैचलर ऑफ स्टेटिस्टिक्स (ऑनर्स), स्टेटिस्टिकल मेथड एंड एनालिटिक्स, अप्लाइड स्टेटिस्टिक्स में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा, दो वर्षीय मास्टर ऑफ स्टेटिस्टिक्स एवं आगे इस विषय में पीएचडी आपको स्टेटिस्टिशियन बना सकती है. स्टेटिस्टिक्स में ग्रेजुएशन एवं मास्टर्स करने के बाद आप स्टेटिस्टिशियन रिसर्च, फाइनेंशियल मार्केट, जनसंख्या अध्ययन, इलेक्शन कैंपेन, इंश्योरेंस आदि क्षेत्रों में काम कर सकते हैं.

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मैथमेटिशियन

गणित में गहरी दिलचस्पी रखनेवालों के लिए खुद को मैथमेटिशियन के तौर पर बढ़ाना बेहतरीन विकल्प है. मैथमेटिशियन दुनिया के मुद्दों को समझने और हल करने के लिए गणित के सिद्धांतों और विधियों का उपयोग करते हैं. सही क्रिटिकल थिंकिंग स्किल, लॉजिकल एबिलिटी एवं रीजनिंग क्षमता रखनेवाले व्यक्ति बतौर मैथमेटिशियन आगे बढ़ सकते हैं. मैथ्स में बीएससी, एमएससी और उसके बाद पीएचडी कर इस करियर में आगे बढ़ सकते हैं. छोटे सेल फोन से लेकर उपग्रह तक, सब कुछ सूक्ष्म गणनाओं और एल्गोरिदम पर निर्भर करता है, जिसमें गणितज्ञ अहम भूमिका निभाते हैं. गणितज्ञ निजी या सरकारी संगठनों के लिए अनुसंधान परियोजनाओं में वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और अन्य गणितज्ञों के साथ काम करते हैं. स्पेस रिसर्च हो या डिफेंस रिसर्च या फिर एरोनॉटिकल रिसर्च, इनके विभागों में मैथमेटिशियन की जरूरत होती है. बतौर अध्यापक अकादमिक क्षेत्र में भी जाने का विकल्प होता है.

फाइनेंशियल एनालिस्ट

फाइनेंशियल सर्विस इंडस्ट्री में यह सबसे प्रतिष्ठित करियर विकल्पों में से एक है. फाइनेंशियल एनालिस्ट डेटा एवं रिसर्च के आधार पर कंपनियों एवं कस्टमर को व्यावसायिक निर्णय लेने एवं निवेश के मामले में सलाह देते हैं. एक अच्छा वित्तीय विश्लेषक यानी फाइनेंशियल एनालिस्ट बनने के लिए मैथ्स, स्टेटिस्टिक्स एवं इकोनॉमिक्स जैसे विषयों में डिग्री के साथ इन पर गहरी पकड़ भी आवश्यक है. बीबीए/ बीकॉम, एमबीए/ एमकॉम करने के बाद भी इस करियर में दाखिल हो सकते हैं. फाइनेंशियल एनालिस्ट आमतौर पर सिक्योरिटीज फर्म, बैंक, इंश्योरेंस कंपनियों, म्यूचुअल फंड कंपनियों, वेंचर कैपिटल फर्म, सरकारी एजेंसियों आदि के साथ काम करते हैं.

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डेटा साइंटिस्ट

डेटा साइंटिस्ट किसी भी कंपनी को बना या बिगाड़ सकते हैं, क्योंकि वे स्टेटिकल व कंप्यूटेशनल तकनीक का उपयोग कर विशाल डेटा सेट का विश्लेषण करते हैं और बिजनेस के लिहाज से जरूरी रुझान और पैटर्न का पता लगाते हैं. डेटा साइंटिस्ट के तौर पर करियर बनाने के लिए स्टेटिस्टिक्स, मैथमेटिक्स एवं कंप्यूटर साइंस में से किसी एक में ठोस पृष्ठभूमि की आवश्यकता होती है. मैथ्स में बैचलर डिग्री हासिल करने के बाद आप डेटा साइंटिस्ट बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. देश के कई संस्थान डेटा साइंस में मास्टर कोर्स संचालित करते हैं. आगे इस विषय में पीएचडी भी कर सकते हैं. आपके पास अगर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री या स्टेटिस्टिक्स में डिग्री है, तो यह आपके लिए इस क्षेत्र में करियर के लिहाज से फायदेमंद हो सकता है. इसके अलावा बिजनेस, फाइनेंस की डिग्री रखनेवाले भी इसमें करियर बना सकते हैं. सरकारी से लेकर गैर सरकारी क्षेत्र तक अनेकों कंपनियां डेटा साइंटिस्ट की सेवाएं लेती हैं.

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बीमांकिक

मैथमेटिक्स और स्टेटिस्टिक्स में रुचि रखने वालों के लिए एक्चुअरियल साइंस यानी बीमांकिक विज्ञान एक बेहतर विकल्प है. बीमांकिक विज्ञान को मूल रूप से बीमा सेक्टर से जोड़ कर देखा जाता है, लेकिन इसका संबंध बैंकिंग एवं बिजनेस सेक्टर से भी है. इसमें गणित और सांख्यिकी की विधियों का इस्तेमाल कर निवेश योजनाओं, कर्मचारी लाभ, पेंशन योजनाओं, बीमा एवं फाइनेंस इंडस्ट्री में जोखिम का आकलन किया जाता है. यह काम करते हैं बीमांकिक विज्ञान के पेशेवर. बीमांकिक विज्ञान में बीएससी, एमएससी, मास्टर प्रोग्राम इन इंश्योरेंस बिजनेस, एमबीए, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एक्चुअरियल साइंस आदि काेर्सेज के साथ इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं. यह विषय लाइफ इंश्योरेंस, रिस्क मैनेजमेंट, जनरल इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस, पेंशन फंड, कंसल्टेंट फंड, कंसल्टेंट, इन्वेस्टमेंट, गवर्नमेंट, अकादमिक क्षेत्र काम करने के अच्छे मौके दिलाता है.

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