BPSC TRE 4: एग्जाम पैटर्न से लेकर 30 नंबर वाले भाषा पेपर तक, पिछले 3 चरणों से कितना अलग है चौथा चरण?

BPSC TRE 4 Changes Explained: बिहार शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE 4) का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह भर्ती पिछले 3 चरणों से कितनी अलग है? इस आर्टिकल में 30 नंबर वाले भाषा विषय के पासिंग पेपर, नेगेटिव मार्किंग, सवालों के लेवल और टाई-ब्रेकर नियमों में हुए बड़े बदलावों को आसान भाषा में समझें.

BPSC TRE 4 Changes Explained: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने चौथे चरण की शिक्षक भर्ती (TRE 4) की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसका अभ्यर्थी लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. राज्य के लाखों अभ्यर्थी प्राइमरी से लेकर 12वीं तक के शिक्षक पदों की तैयारी में जुटे हैं.

अब इसमें जरूरी बात ये है कि इस परीक्षा के लिए केवल फॉर्म भरना और किताबें पढ़ना ही काफी नहीं है. परीक्षा में बैठने से पहले यह समझना जरूरी है कि चौथे चरण के नियम और परीक्षा का तरीका पिछले तीन चरणों (TRE 1, TRE 2 और TRE 3) से किस तरह अलग हैं.

आयोग ने पिछले चरणों के अनुभवों, अभ्यर्थियों की आपत्तियों और विवादों से सबक लेते हुए इस बार कई नियमों को पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी बनाया है.

BPSC TRE 4 Comparison: एक नजर में तुलना, पिछले 3 चरण और TRE 4

नियम - पैमानाTRE 1, 2 और 3 की स्थितिBPSC TRE 4 में क्या है नया?
भाषा का पासिंग पेपर (30 अंक)TRE 2 में अचानक पासिंग मार्क्स खत्म करने से विवाद हुआनियम पहले से तय, 30 में से न्यूनतम पासिंग मार्क्स लाना जरूरी
नेगेटिव मार्किंग (Negative Marking)पहले के चरणों में नहीं थीइस बार भी नेगेटिव मार्किंग नहीं, लेकिन सोच-समझकर हल करने होंगे सवाल
प्रश्नों का स्तर (Question Level)कई विषयों में तय सिलेबस से ज्यादा कठिन सवाल आएNCERT और SCERT की किताबों पर आधारित समझ वाले सवाल
टाई-ब्रेकर नियम (बराबर नंबर आने पर)उम्र और नाम के पहले अक्षर पर ज्यादा जोर थामेन सब्जेक्ट और भाषा पेपर के नंबरों को पहले प्राथमिकता
डॉक्यूमेंट और बायोमेट्रिक जांचकाउंसलिंग के समय फर्जीवाड़े के मामले सामने आएफॉर्म भरते समय लाइव फोटो और आधार बायोमेट्रिक से सख्त मिलान

1. 30 नंबर वाला भाषा पेपर: सिर्फ पास होना जरूरी

TRE 2 के दौरान परीक्षा होने के बाद 30 नंबर वाले भाषा के पेपर में पासिंग मार्क्स की शर्त को अचानक जीरो (खत्म) कर दिया गया था. इससे बड़ा विवाद हुआ था और छात्रों ने मेरिट बिगड़ने का आरोप लगाया था.

TRE 4 में आयोग ने पहले दिन से ही स्थिति साफ कर दी है. 150 नंबर के कुल पेपर में से 30 नंबर भाषा (हिंदी-अंग्रेजी-उर्दू) के होंगे. इसमें बस पासिंग मार्क्स लाना अभ्यर्थी के लिए अनिवार्य रहेगा. यानी भाषा का सेक्शन 30 नंबर का अनिवार्य क्वालिफाइंग पेपर रहेगा. हालांकि, फाइनल मेरिट लिस्ट 120 नंबर (जीके और मेन सब्जेक्ट) के आधार पर ही बनेगी.

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2. टाई-ब्रेकर का नया नियम: दो छात्रों के बराबर नंबर आए तो क्या होगा?

पिछले चरणों में जब दो छात्रों के कुल नंबर एक जैसे होते थे, तो जिनकी उम्र ज्यादा होती थी या जिनके नाम का पहला अक्षर वर्णमाला में पहले आता था, उन्हें चुन लिया जाता था.

TRE 4 में इस नियम को बदल दिया गया है -

  • सबसे पहले पार्ट-3 (मेन सब्जेक्ट) में हासिल किए गए नंबर देखे जाएंगे.
  • अगर मेन सब्जेक्ट में भी नंबर बराबर रहे, तो 30 नंबर वाले भाषा पेपर में किसने ज्यादा स्कोर किया, उसे वरीयता मिलेगी.
  • इसके बाद भी टाई रहने पर उम्र और नाम के अक्षर का नियम देखा जाएगा.

3. सवालों का लेवल: केवल रटने से काम नहीं चलेगा

TRE 1 और 2 के पेपर्स के एनालिसिस से पता चलता है कि कई विषयों में सवाल सिलेबस के दायरे से बाहर और बहुत कठिन पूछे गए थे.

इस बार आयोग ने साफ गाइडलाइन दी है कि सवाल पद की न्यूनतम योग्यता के अनुसार ही होंगे. प्राइमरी और मिडिल के लिए 10वीं-12वीं का स्तर रहेगा, जबकि 9वीं से 12वीं के लिए ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल की समझ देखी जाएगी. पूरा पेपर NCERT और SCERT के बेसिक कॉन्सेप्ट पर बनेगा.

4. फॉर्म भरने और डॉक्यूमेंट्स में कड़ाई: फर्जीवाड़े पर रोक

पिछले चरणों में फर्जी डॉक्यूमेंट्स और गलत जानकारी के मामले सामने आने के बाद आयोग ने तकनीकी जांच कड़ी कर दी है-

  • अब फॉर्म भरते समय कंप्यूटर के वेबकैम से लाइव और साफ फोटो लेना जरूरी है.
  • आरक्षण, नॉन क्रीमीलेयर (NCL) और EWS सर्टिफिकेट आवेदन की आखिरी तारीख से पहले के बने होने चाहिए.
  • परीक्षा सेंटर से लेकर जॉइनिंग तक आधार बेस्ड फिंगरप्रिंट और फेशियल स्कैनिंग से अभ्यर्थी की पहचान की जाएगी.

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By ओम प्रकाश

ओम प्रकाश (OP) पिछले 2 वर्षों से अधिक समय से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. इन्होंने जनसंचार एवं पत्रकारिता में मास्टर्स किया है. इनकी पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रभात खबर (प्रिंट) पटना से हुई. इसके बाद इन्होंने दूरदर्शन पटना और कशिश न्यूज के साथ जुड़ कर प्रैक्टिकल हैंड्स ऑन एक्सपीरियंस हासिल किया. ये आकाशवाणी पटना के युवाओं के लिए समर्पित कार्यक्रम 'युवा वाणी' में भी कार्य कर चुके हैं. वर्तमान में OP प्रभात खबर डिजिटल के एजुकेशन बीट में कंटेंट राइटिंग का काम कर रहे हैं. इन्हें एजुकेशन और करियर से संबंधित गाइडेंस और खबरें आसान भाषा में स्टूडेंट्स तक पहुंचाना पसंद है.

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