BPSC Success Story: बीपीएससी 70वीं परीक्षा को रैंक 1005 से क्रैक करने वाली अंकिता पंडित की कहानी लाखों युवाओं को प्रेरित करने वाली है. बिहारी होने का ताना, कई फेलियर और फिर शादी इन सब से लड़ते हुए अंकिता ने अपने सपनों को नहीं छोड़ा. BPSC के अपने चौथे प्रयास में उन्होंने प्रोबेशन ऑफिसर का पद हासिल कर लिया है.
BPSC Success Story: कौन हैं अंकिता पंडित?
अंकिता पंडित मूलरूप से बिहार के बेगुसराय की रहने वाली हैं. उनके पिता अरुण कुमार पंडित केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक हैं और माता वंदना पंडित एक गृहिणी हैं. पिता का केंद्रीय विद्यालय में नौकरी होने के चलते देश के कई राज्यों में ट्रांसफर होता था इसलिए अंकिता की स्कूलिंग अलग-अलग जगहों पर हुई है.
लोगों ने मारा बिहारी होने का ताना
अंकिता पंडित बताती हैं कि पिता के साथ उन्हें देश के कई राज्यों में रहने का मौका मिला. ऐसे में कई बार उन्हें बिहारी कहकर चिढ़ाया जाता था. इन्हीं सबसे गुजरते हुए शुरू से पढ़ाई में अव्वल अंकिता ने स्कूलिंग अच्छे मार्क्स से पूरी कर ली. इसके बाद साल 2018 में गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज से उन्होंने इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में BE की डिग्री हासिल की.
अंकिता को सिविल सर्विस में मिला फेलियर
ग्रेजुएशन के बाद अंकिता ने सिविल सर्विस में जाने का मन बना लिया. साल 2019 में उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी. इस दौरान उन्होंने UPSC की परीक्षा भी दी, लेकिन 3 बार लगातार प्रीलिम्स भी क्रैक नहीं हो पाया. इन असफलताओं के बाद अंकिता बुरी तरह टूट गईं लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी.
पिता ने दी BPSC करने की सलाह
अंकिता के पिता ने उन्हें BPSC एग्जाम देने के लिए मोटिवेट किया. उन्होंने 67वीं परीक्षा को पहले ही प्रयास में इंटरव्यू लेवल तक क्रैक कर लिया, लेकिन फाइनल मेरिट में उनका नाम नहीं आया. इसके बाद 68वीं और 69वीं दोनों परीक्षा में भी यही हुआ. तीन बार इंटरव्यू में रिजेक्ट होने के बाद अंकिता ने अपनी किस्मत पर सवाल उठाना शुरू कर दिया. वो बताती हैं कि उन्होंने कई रातें रो-रोकर गुजारी हैं.
BPSC 70वीं परीक्षा में शामिल
साल 2024 में अंकिता पंडित ने बीपीएससी 70वीं परीक्षा के लिए आवेदन किया. इस बार उन्हें लगातार सफलता मिली. इसी बीच अंकिता की शादी हो गई. उनके पति रांची में नौकरी करते हैं. एग्जाम की तैयारी के बीच अंकिता को उनके पति ने काफी सपोर्ट किया. वो अलग-अलग राज्यों में रहने के लिए भी तैयार हो गए.
अंकिता की मेहनत रंग लाई और उन्होंने इस बार BPSC 70वीं परीक्षा को रैंक 1005 से क्रैक कर लिया. उनका चयन प्रोबेशन ऑफिसर के पद पर हुआ है. अंकिता कहती हैं कि उनकी सफलता की कहानी (BPSC Success Story) के लेखक उनके माता-पिता हैं. जिन्होंने हर समय उन्हें मोटिवेट किया और आगे बढ़ते रहने की सलाह दी.
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