Heading: Petrochemical VS Petroleum Engineering: पेट्रोकेमिकल या पेट्रोलियम इंजीनियरिंग, दोनों में क्या है अंतर? कौन सा है बेहतर जानिए

Petrochemical VS Petroleum Engineering: विभिन्न कॉलेज व यूनिवर्सिटी में बीटेक कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. ऐसे में छात्र अपने लिए सही और सटीक ब्रांच तलाश रहे हैं. आज हम आपको बीटेक के ऐसे दो ब्रांच के बारे में बताएंगे जॉब के बहुत से ऑप्शन हैं. आज हम जानेंगे पैट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग और पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के बारे में-

Petrochemical VS Petroleum Engineering: जेईई मेन और जेईई एडवांस का रिजल्ट जारी होने के साथ ही बीटेक कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया में तेजी आई है. ऐसे छात्र जो इस साल बीटेक कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं, वे कॉलेज और सही ब्रांच की तलाश में जुटे हुए हैं. इसी कड़ी में आज बीटेक को दो खास ब्रांच पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग और पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के बारे में जानेंगे. आइए, जानते हैं बीटेक का ये ब्रांच एक दूसरे से कितना अलग है और दोनों का करियर स्कोप क्या है. 

छात्र अपनी रूचि, कटऑफ और करियर स्कोप जैसी कई बातों के आधार पर ब्रांच का चुनाव करते हैं. ऐसे में आज बीटेक को दो खास ब्रांच पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग और पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के बारे में जानेंगे. दोनों ही ब्रांच इंजीनियरिंग के हैं और दोनों एक दूसरे से अलग हैं. हालांकि, इन दोनों ही ब्रांच में थोड़ी समानता भी है. 

Petrochemical Engineering: पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग क्या है? 

पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग, रासायनिक इंजीनियरिंग का ही हिस्सा है. इस ब्रांच में पेट्रोलियम, तेल डिकंपोजिशन, विकास और उनके रोजमर्रा के उपयोग संबंधित जानकारी दी जाती है. इस ब्रांच में प्ल्यूड मेकेनिक्स, पेट्रोलियम रिफाइनिंग, हीट ट्रांसफर, मास ट्रांसफर और रिएक्शन जैसे टॉपिक्स रहते हैं. यह ब्रांच तो इंजीनियरिंग का है लेकिन इसके टॉपिक्स केमिस्ट्री विषय को छूते हैं. पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग ब्रांच चुनने वाले कैंडिडेट्स की केमिस्ट्री और फिजिक्स दोनों पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए. 

Petrochemical Engineering Career Options: करियर ऑप्शन 

रिफाइनरी इंजीनियर

ड्रिलिंग इंजीनियर 

प्रोडक्शन इंजीनियर 

टेक्निकल सर्विस इंजीनियर 

केमिकल प्रोसेस इंजीनियर 

Petroleum Engineering: पेट्रोलियम इंजीनियरिंग क्या है?

पेट्रोलियम इंजीनियरिंग भी आज के समय में उभरता हुआ ब्रांच है, जिसमें देश से लेकर विदेश तक कई करियर ऑप्शन हैं. इस उद्योग में इंजीनियर्स बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए तेल भंडार की तलाश करते हैं. इस ब्रांच में फ्ल्यूड मेकेनिक्स, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम जीयोलॉजी, मैथ्स, थर्मोडाइनमिक्स आदि टॉपिक्स को कवर किया जाता है. 

Petroleum Engineering Career Options: करियर ऑप्शन  

पर्यावरण विशेषज्ञ

ड्रिलिंग इंजीनियर 

प्रोडक्शन इंजीनियर 

पेट्रोलियम जीयोलॉजिस्ट 

जीयोफिजिसिस्ट 

Petrochemical VS Petroleum Engineering Salary: दोनों क्षेत्र में कितनी मिलती है सैलरी

दोनों ही ब्रांच से पढ़ाई करने के बाद आप लगभग एक जैसी कमाई कर सकते हैं. सैलरी ब्रांच से अधिक इस बात पर निर्भर करती है कि नौकरी कैसी कंपनी में की जा रही है, व्यक्ति के पास अनुभव कितने सालों का है और देश/राज्य कौन सा है. सरकारी और प्राइवेट क्षेत्र में काम करने वाले इंजीनियर की सैलरी अलग होगी. वहीं छोटी या बड़ी कंपनी के हिसाब से भी सैलरी में अंतर आ सकता है. पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग हो या पेट्रोलियम इंजीनियरिंग दोनों ही बढ़िया है. छात्र अपनी रुचि, करियर स्कोप और पसंदीदा विषय के अनुसार ब्रांच का चुनाव करें.

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