Year Ender 2023: दिसंबर खत्म होने से पहले कर लें ये जरूरी काम, नहीं तो होगी बड़ी परेशानी

Year Ender 2023: महीना खत्म होने ही इन कामों की डेडलाइन खत्म हो जाएगी. इसमें इनकम टैक्स से लेकर बैंक तक के काम जुड़े हुए हैं. इन काम को अभी नहीं खत्म करने से आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

Year 2024 के आगमन पर जश्न की तैयारियां शुरू हो गयी है. अब केवल 13 दिन बचे हैं. ये महीना कई वित्तीय कामों को निपटाने का भी आखिरी महीना है. महीना खत्म होने ही इन कामों की डेडलाइन खत्म हो जाएगी. इसमें इनकम टैक्स से लेकर बैंक तक के काम जुड़े हुए हैं. इन काम को अभी नहीं खत्म करने से आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

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अगर आपका बैंक लॉकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया या बैंक ऑफ बड़ौदा में है तो आपके लिए ये एक महत्वपूर्ण खबर है. रिजर्व बैंक की तरफ से सभी बैंकों को अपने ग्राहकों को बैंक लॉकर के नए एग्रीमेंट पर साइन करवाने का निर्देश दिया है. इसके लिए दोनों बैंकों ने आखिरी तारीख 31 दिसंबर तय की है.

आप अगर म्‍यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो 31 दिसंबर से पहले आपको अपने खाते में नॉमिनी का नाम अपडेट करना होगा. ऐसा नहीं करने से आपका खाता फ्रीज हो सकता है. इसका अर्थ है कि न पैसा डलेगा और न निकलेगा. साथ ही, डीमैट खाते में भी अपना नाम जोड़ना जरूरी है.

31 दिसंबर से पहले आयकर रिटर्न से जुड़ा भी एक काम करना जरूरी है. दरअसल, वित्त वर्ष 2022-23 यानी एसेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तिथि 31 जुलाई, 2023 थी. जो लोग इस तारीख तक आईटीआर फाइल नहीं कर पाए, वे अब भी 31 दिसंबर, 2023 तक लेट फीस के साथ अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं.

आजादी की 75वीं सालगिरह को लेकर कई बैंकों के द्वारा स्पेशल एफडी प्लान चलाये जा रहे थे. इसमें भारतीय स्टेट बैंक की स्पेशल एफडी स्कीम यानी अमृत कलश स्कीम, आईडीबीआई बैंक की स्‍पेशल फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट स्‍कीम अमृत महोत्‍सव और इंडियन बैंक की इंड सेवर चलायी जा रही है. इस स्पेशल एफडी की डेडलाइन 31 दिसंबर को है.

NPCI के आदेश से कई यूपीआई आईडी बंद होने वाला है. अगर आपका कोई यूपीआई आईडी है और आपने एक साल से ज्यादा समय से इसका इस्तेमाल नहीं किया है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने अपने नए गाइडलाइन में कहा है कि बैंक और थर्ड पार्टी ऐप्लिकेशन प्रोवाइडर्स ऐसे ग्राहकों के यूपीआई आईडी और उससे जुड़े मोबाइल नंबर की पहचान करें जिन्होंने पिछले एक साल या उससे ज्यादा वक्त से अपने यूपीआई आईडी का इस्तेमाल नहीं किया है.

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