अगर आपके पास विदेश में ऐसी संपत्ति या आय है, जिसकी जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न में नहीं दी गई है, तो आपके लिए काम की खबर है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने Foreign Assets of Small Taxpayers-Disclosure Scheme Rules, 2026 जारी किए हैं. इसके तहत पात्र छोटे टैक्सपेयर्स अपनी कुछ ऐसी विदेशी संपत्तियों और आय की जानकारी दे सकते हैं, जो पहले घोषित नहीं हुई है. यह स्कीम 16 अगस्त 2026 से लागू हो गई है.
कौन इस स्कीम का फायदा उठा सकता है?
इस स्कीम में विदेशी संपत्ति या आय से जुड़ी चार तरह की स्थिति शामिल है.
- विदेश में मौजूद ऐसी संपत्ति, जिसकी जानकारी नहीं दी गई.
- विदेश से हुई ऐसी आय, जो घोषित नहीं की गई.
- गैर-निवासी रहने के दौरान विदेश में खरीदी गई संपत्ति, जिसे भारत का निवासी बनने के बाद नहीं बताया गया.
- टैक्स चुकाई गई आय से विदेश में खरीदी गई संपत्ति, लेकिन ITR में संबंधित शेड्यूल में इसकी जानकारी नहीं दी गई.
हालांकि, हर टैक्सपेयर इस स्कीम का फायदा नहीं उठा सकता. इसकी सीमा अलग-अलग मामलों के हिसाब से तय की गई है.
| मामला | अधिकतम सीमा |
| अघोषित विदेशी आय और अघोषित संपत्ति | ₹1 करोड़ |
| गैर-निवास के दौरान खरीदी या पहले से टैक्स चुकाई आय से खरीदी, लेकिन घोषित नहीं की गई संपत्ति | ₹5 करोड़ |
अगर तय सीमा से ज्यादा संपत्ति या आय है, तो इस स्कीम के तहत घोषणा नहीं की जा सकती.
₹1 करोड़ तक की संपत्ति पर कितना देना होगा?
₹1 करोड़ वाली कैटेगरी में टैक्सपेयर को घोषित रकम पर 30% टैक्स और उस टैक्स पर 100% पेनल्टी देनी होगी. यानी कुल भुगतान प्रभावी तौर पर घोषित रकम का 60% होगा. वहीं, ₹5 करोड़ तक वाली दूसरी कैटेगरी में टैक्स या पेनल्टी नहीं है. इसमें तय नियमों के मुताबिक फ्लैट फीस लगेगी. छोटी घोषणाओं पर फीस नहीं है, जबकि कुछ मामलों में यह ₹1 लाख तक हो सकती है. भुगतान तय समय में पूरा करने और घोषणा वैध माने जाने के बाद टैक्सपेयर को आगे के टैक्स, पेनल्टी और Black Money Act, 2015 के तहत अभियोजन से राहत मिलेगी.
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घोषणा की आखिरी तारीख क्या है?
घोषणा 31 दिसंबर 2026 तक इलेक्ट्रॉनिक तरीके से Form 1 में दाखिल करनी होगी. इसके बाद टैक्स अथॉरिटी या Income-tax Systems के Principal Director General/Director General की ओर से Form 2 में देय रकम तय की जाएगी. इसके बाद भुगतान के लिए दो महीने का समय मिलेगा, जिसमें ब्याज नहीं लगेगा. इसके बाद दो महीने की अतिरिक्त मोहलत भी है, लेकिन इस दौरान बकाया रकम पर 1% प्रति माह ब्याज देना होगा. इसके बाद स्कीम का फायदा खत्म हो जाएगा और घोषणा अमान्य मानी जाएगी.
विदेशी संपत्ति की कीमत कैसे तय होगी?
संपत्ति की Fair Market Value 31 मार्च 2026 की स्थिति के आधार पर तय होगी. इसके लिए सोना-चांदी, ज्वेलरी, कलाकृति, शेयर, अचल संपत्ति और बैंक अकाउंट जैसे अलग-अलग एसेट के लिए नियम दिए गए हैं. विदेशी बैंक अकाउंट की वैल्यू तय करते समय अकाउंट खुलने के बाद से किए गए सभी डिपॉजिट का हिसाब लिया जाएगा. अगर पहले Black Money Act के तहत घोषणा की गई थी, तो उस घोषणा के बाद के डिपॉजिट देखे जाएंगे. विदेशी मुद्रा को 31 मार्च 2026 की RBI reference rate के आधार पर रुपये में बदला जाएगा.
अगर टैक्स अथॉरिटी की तय की गई वैल्यू और घोषित वैल्यू में अंतर है, तो सिर्फ इसी वजह से घोषणा अमान्य नहीं होगी. 20% तक का अंतर होने पर इसे स्वीकार किया जा सकता है.
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