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Home Loan लेने से पहले जरूर रहें सावधान, ब्याज दर से कैसे प्रभावित होगी EMI, समझें पूरा गणित

Home Loan: होम लोन बैंक या वित्तीय संस्थानों के द्वारा किसी भी व्यक्ति की आय और वित्तीय स्थिति को देखकर दिया जाता है. होम लोन लेकर आप अपना घर बनाकर रह सकते हैं. लोन की ईएमआई आपके खाते से हर महीने कटती रहेगी

Home Loan: अपना घर हर किसी के लिए एक सपना होता है. हाल के दिनों में सरकार और वित्तीय कंपनियों के द्वारा लोगों को सस्ता और अच्छा घर उपलब्ध कराने के लिए कई योजना लायी गयी है. हालांकि, फिर भी महंगाई में पैसा बचाकर घर खरीदना एक सपना से कम नहीं है. ऐसे में होम लोन एत अच्छा विकल्प है. होम लोन बैंक या वित्तीय संस्थानों के द्वारा किसी भी व्यक्ति की आय और वित्तीय स्थिति को देखकर दिया जाता है. होम लोन लेकर आप अपना घर बनाकर रह सकते हैं. लोन की ईएमआई आपके खाते से हर महीने कटती रहेगी, इससे एक बार में आप पर बोझ भी नहीं आएगा.

होम लोन कैसे लें

होम लोन लेने से पहले सबसे पहले आपको आपनी वित्तीय स्थिति की जांच करनी चाहिए. इसमें आपकी मॉन्थली आय, आपकी नौकरी और पेशेवर स्थिति, आपके कर्ज और ऋणों की स्थिति और क्रेडिट स्कोर की जांच करनी चाहिए. इसके बाद एक अच्छा वित्तीय संस्थान चुने, आपके करीबी बैंक या वित्तीय संस्थानों के साथ संपर्क करें और उनके ब्याज दरों, कटन शुल्कों, और आवश्यक दस्तावेज़ के बारे में जानकारी प्राप्त करें. आपके पास होम लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज होने चाहिए, जैसे कि आय प्रमाणित करने वाले दस्तावेज़, पहली पूना पर मोहल्ले की सूचना, बैंक के बचत खाते के बख़ूबी बयान, आदि. इसके बाद आवेदन करें. आवेदन करने के बाद, आपको लोन की मंजूरी और शर्तों का सुनिश्चित करना होगा. यह समय, चुकौती, ब्याज दर, चुकता करने का तरीका, आदि शामिल हो सकता है.

होम लोन लेते समय किन बातों का ध्यान रखें

होम लोन लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. लोन लेने से पहले देख लें की आपका क्रेडिट स्कोर कैसा है. बिना किसी परेशानी के होम लोन लेने के लिए आपका क्रेडिट स्कोर 750 से ज्यादा होना चाहिए. लोन को लेकर बाजार में अच्छे से रिसर्च करें. ध्यान से समझें, कौन सा ऑप्शन आपकी जरूरतों के अनुरूप है. रेट ऑफ इंट्रेस्ट पर नजर रखें. इसके साथ ही, लोन एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़े. साथ ही, सारे दस्तावेज को लोन लेते समय साथ में रखें ताकि, लोन का प्रोसेस करने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. लोन लेने के पात्रता को ध्यान में रखें. इससे आवेदन कैंसिल होने की संभावना कम हो जाती है.

क्रेडिट स्कोर क्या है

क्रेडिट स्कोर एक निर्दिष्ट संख्या होती है जो व्यक्ति की वित्तीय प्रतिष्ठा और क्रेडिट की स्थिति को मापने के लिए उपयोग होती है. यह संख्या व्यक्ति के वित्तीय इतिहास, वित्तीय क्रियाओं, और ऋण की वित्तीय प्रतिष्ठा का संकेत देती है. क्रेडिट स्कोर विभिन्न क्रेडिट ब्यूरोज़ द्वारा जारी किया जाता है, और यह आपके क्रेडिट की प्रतिष्ठा को दिखाने का प्रमुख तरीका होता है. जब आप एक ऋण (जैसे कि होम लोन, कार ऋण, क्रेडिट कार्ड, या व्यक्तिगत ऋण) के लिए आवेदन करते हैं, बैंक या वित्तीय संस्था आपके क्रेडिट स्कोर की जांच करती है. अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है, तो आपके ऋण की मंजूरी के मौके बढ़ जाते हैं और आपको अधिक उचित ब्याज दर मिलती है. क्रेडिट स्कोर का प्रभाव आपकी वित्तीय योजना और वित्तीय क्रियाओं पर भी पड़ता है. अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है, तो आपके पास ऋण प्राप्त करने, घर खरीदने, वित्तीय योजना बनाने, और आपकी सामरिक स्थिति को सुधारने के लिए अधिक विकल्प होते हैं. क्रेडिट स्कोर का निर्धारण विभिन्न क्रेडिट ब्यूरोज़ द्वारा किया जाता है, जैसे कि Equifax, Experian, और TransUnion. ये ब्यूरोज़ व्यक्ति के वित्तीय क्रियाकलापों को ट्रैक करते हैं और उनके आधार पर क्रेडिट स्कोर निर्धारित करते हैं. क्रेडिट स्कोर की गुणवत्ता आपके वित्तीय स्वास्थ्य की मापदंड होती है. इसे अक्सर 300 से 850 के बीच की एक संख्या के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जहां 850 सबसे अच्छा होता है. आप नियमित रूप से अपना क्रेडिट स्कोर चेक करने की सलाह दी जाती है. इससे आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका क्रेडिट स्कोर उचित है और किसी प्रकार की त्रुटियों का सही तरीके से सुधार सकते हैं.

होम लोन ईएमआई जांचने के आपको क्या फायदे होते हैं?

लोन लेने की क्षमता जांच सकते हैं

लोन का कुल अमाउंट और टेन्योर जांच सकते हैं

लोन रीपेमेंट की योजना बना सकते हैं

प्रीपेमेंट की योजना बना सकते हैं

होम लोन लेने के सबसे बड़े कारण क्या हैं?

होम लोन के जरिए रेडी टू मूव, अंडर कंस्ट्रक्शन और रीसेल प्रॉपर्टीज खरीद सकते हैं.

घर बना सकते हैं, जमीन खरीद सकते हैं और प्रॉपर्टी का कंस्ट्रक्शन करा सकते हैं.

घर की मरम्मत या रीनोवेशन करा सकते हैं.

घर का स्पेस बढ़ा सकते हैं

नया घर खरीदने और पुराना घर बेचने के बीच के समय को पा सकते हैं

होम लोन की ईएमआई कब शुरू होती है?

अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी के लिए आम तौर पर ईएमआई तब शुरू होती है जब बनने वाला घर कर्जदाता को मिल जाता है. हालांकि आप ईएमआई देने का विकल्प अपने आप चुन सकते हैं और जैसे-जैसे आपको घर का डिस्बर्समेंट मिलता है वैसे-वैसे आपकी ईएमआई भी उसी अनुसार बढ़ती जाती है. रीसेल प्रॉपर्टी के मामले में डिस्बर्समेंट के महीने से ही होम लोन के पूरे अमाउंट पर ईएमआई लगना शरू हो जाती है.

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