Dog Poop Scoop Business : हम रोज सुनते हैं कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, लेकिन सच मानिए इस बात को मानने वाले लोग बहुत कम हैं. ज्यादातर लोग काम की इज्जत उसके “स्टेटस” से आंकते हैं, मेहनत और ईमानदारी से नहीं. लेकिन इंग्लैंड के एक शख्स ने इस सोच को पूरी तरह गलत साबित कर दिया है. वह ऐसा काम करके सालाना करीब 32 लाख रुपये कमा रहा है, जिसे सुनकर शायद आप भी चौंक जाएं.
कुत्ते की पॉटी उठाकर बना लिया बिजनेस
इंग्लैंड के डर्बीशायर में रहने वाले काइल न्यूबी (Kyle Newby) इन दिनों इंटरनेट पर खूब चर्चा में हैं. वजह है उनका अनोखा साइड बिजनेस. कुत्तों की पॉटी साफ करने की सर्विस. जी हां, काइल डॉग पूप साफ करके लाखों की कमाई कर रहे हैं. पेशे से काइल एक बिल्डर हैं, लेकिन उन्होंने साइड हसल के तौर पर यह काम शुरू किया. इस आइडिया की प्रेरणा उन्हें अमेरिका से मिली. इंस्टाग्राम पर उन्होंने देखा कि वहां कई लोग इस तरह की सर्विस देकर अच्छी कमाई कर रहे हैं. बस यहीं से उनके दिमाग में आया “ये काम तो हम भी कर सकते हैं.”
‘Pet Poo Pick’ से शुरू हुआ सफर
काइल ने अपने बिजनेस की शुरुआत ‘Pet Poo Pick’ नाम से की. उन्होंने सबसे पहले फेसबुक पर अपनी सर्विस के बारे में पोस्ट किया. उम्मीद से कहीं ज्यादा लोगों के फोन आने लगे और देखते ही देखते उनके पास ग्राहकों की लाइन लग गई. न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में काइल बताते हैं कि आमतौर पर एक गार्डन में करीब 14–15 पॉटी के टुकड़े होते हैं. इन्हें साफ करने में 10 से 15 मिनट का समय लगता है. वे इस काम के लिए स्कूपर (कचरा उठाने वाला यंत्र) और बैग का इस्तेमाल करते हैं. काइल कहते हैं “जितनी गंदगी आप सोच सकते हैं, उससे कहीं ज्यादा होती है. मैं घंटों ड्राइव करता हूं और लगातार तीन घंटे तक पॉटी साफ कर सकता हूं.”
फीस और कमाई का हिसाब
काइल पहली बार सर्विस के लिए $40 (लगभग 3,300 रुपये) लेते हैं और उसके बाद हर हफ्ते $20 चार्ज करते हैं. वह हफ्ते में करीब $2,680 (लगभग 2.2 लाख रुपये) कमा लेते हैं, यानी करीब $60 प्रति घंटे. वह बताते हैं कि बुधवार को उनके करीब 15 ग्राहक होते हैं और शनिवार को 20 ग्राहक. काम के बाद वह पूरे इलाके को डिसइंफेक्ट भी करते हैं ताकि गंदगी का कोई निशान न रहे. इस काम को लेकर काइल को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग भी झेलनी पड़ी. कुछ लोगों ने कहा कि अब इंसान अपने पालतू जानवरों की गंदगी साफ करने में भी आलसी हो गए हैं.
लेकिन काइल का कहना है कि उनके 50% से ज्यादा ग्राहक बुजुर्ग या शारीरिक रूप से असमर्थ हैं. “कई लोग बैसाखी के सहारे चलते हैं, उनके लिए यह काम करना मुश्किल होता है. हम उनकी मदद करते हैं. जो लोग शिकायत करते हैं, उनसे मैं बस इतना कहता हूं अगर आपकी मां विकलांग हों और यह काम न कर पाएं, तब आपको हमारी सर्विस की अहमियत समझ आएगी.” फिलहाल काइल हफ्ते में करीब 12 घंटे ही यह काम करते हैं, लेकिन उनका सपना है कि आने वाले समय में इसे फुल टाइम बिजनेस बनाया जाए.
