नोमुरा की चेतावनी : अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाला पैकेज और ज्यादा खर्च से बढ़ेगा राजकोषीय दबाव
मुंबई : जापान की वित्तीय कंपनी नोमुरा ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए राहत पैकेज देने की तैयारी में जुटी सरकार को चेताया है. कंपनी का कहना है कि वर्तमान में भारत के वृहत आर्थिक समस्याओं का कारण उच्च व्यय है. कम राजस्व प्राप्त होना इसकी वजह नहीं है. इसलिए इस समय राहत पैकेज […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मुंबई : जापान की वित्तीय कंपनी नोमुरा ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए राहत पैकेज देने की तैयारी में जुटी सरकार को चेताया है. कंपनी का कहना है कि वर्तमान में भारत के वृहत आर्थिक समस्याओं का कारण उच्च व्यय है. कम राजस्व प्राप्त होना इसकी वजह नहीं है. इसलिए इस समय राहत पैकेज देना उल्टा पड़ सकता है. नोमुरा ने कहा कि राजकोषीय दबाव के लिए अधिक व्यय जिम्मेदार है, जिस वजह से वित्त वर्ष के आने वाले महीनों में सरकार के पास ज्यादा खर्च करनेकी गुंजाइश नहीं बची है. साल 2017-18 का बजट व्यय लक्ष्य हासिल करने के लिए यह सालाना आधार पर केवल 1.5 फीसदी बढ़ सकता है जो अप्रैल-जुलाई में 23.1 फीसदी था.
नोमुरा इंडिया की मुख्य अर्थशास्त्री सोनल वर्मा ने रिपोर्ट में कहा कि इसलिए अर्थव्यस्था में वृद्धि के लिए राहत पैकेज देना काफी नहीं होगा. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में दिखाई दे रही मौजूदा स्थिति की खातिर राजस्व को दोषी नहीं ठहरायाजा सकता है. अप्रैल-जुलाई के बीच राजस्व संग्रह औसत से सिर्फ 2.1 फीसदी से कम था, लेकिन पिछले कुछ साल से बेहतर था.
उन्होंने कहा कि हमें ऐसा लगता है कि दूरसंचार, विनिवेश और लाभांश से प्राप्त होने वाले राजस्व में कमी आ सकती है, लेकिन प्रत्यक्ष कर संग्रह से पता चलता है कि कुल राजस्व में ज्यादा कमी नहीं होगी. जीएसटी को लेकर भले ही चर्चा होरही हो, लेकिन यह आगे चलकर राजस्व बढ़ाने में मदद करेगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार का व्यय चार्ट से बाहर निकल चुका है. सरकार ने औसतन 7.5 फीसदी अधिक खर्च किया है.