Mokama Murder: मोकामा में हत्या के बाद चुनाव आयोग का एक्शन, SDPO और SDO हटाए गए

Mokama Murder: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच मोकामा में हुई हत्या ने सियासी हलचल मचा दी है. घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने तीन अधिकारियों का तत्काल तबादला कर दिया और एक को निलंबित कर दिया है. साथ ही पटना ग्रामीण एसपी को भी हटाने की अनुशंसा की गई है.

Mokama Murder: बिहार विधानसभा चुनाव में मोकामा में हुई हत्या के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई करते हुए तीन पदाधिकारियों के तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर का आदेश शनिवार को जारी कर दिया है. साथ ही ग्रामीण एसपी को भी हटाने की अनुशंसा की है. उनके स्थान पर नये एसपी, ग्रामीण की तैनाती होगी. इसके लिए पदाधिकारियों के नाम का पैनल रविवार दोपहर तक मांगा गया है.

ECI ने आदेश में क्या कहा

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार को भेजे आदेश में आयोग ने कहा है कि आदर्श आचार संहिता के पालन को लेकर तत्काल प्रभाव से मोकामा के बिहार प्रशासनिक सेवा के एसडीओ, बाढ़ चंदन कुमार, एसडीपीओ, बाढ़-1 राकेश कुमार और एसडीपीओ, बाढ़-2 अभिषेक कुमार को तत्काल स्थानांतरित किया जाये. उनके स्थान पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के पटना नगर निगम के अपर आयुक्त आशिष कुमार को एसडीओ, बाढ़ का प्रभार सौंपा गया है.

इसके अलावा एसडीपीओ, बाढ-1 के पद पर सीआइडी के डीएसपी आनंद कुमार को जबकि एसडीपीओ-2 बाढ़ के पद पर पटना में पदस्थापित एंटी टेरोरिस्ट दस्ता के डीएसपी आयुष श्रीवास्तव को जिम्मेवारी दी गयी है. आयोग ने वहां से हटाये गये पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई आरंभ करने का भी निर्देश दिया है.

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तत्काल भेजा जाये अधिकारियों का पैनल

बाढ़-2 अभिषेक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का भी आदेश दिया है. आयोग ने आगे निर्देश दिया है कि विक्रम सिहाग, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), पटना का भी स्थानांतरण किया जा सकता है. उनके स्थान पर किसी अन्य अधिकारी की नियुक्ति के लिए अधिकारियों का एक पैनल तत्काल आयोग को भेजा जाये. आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट दो नवंबर (रविवार) को दोपहर 12 बजे तक प्रस्तुत की जाये.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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