Bihar Election 2025: शायराना-शायराना चुनाव, शायरी में शिकवे-शिकायत और ‘X’ पर वार-पलटवार

Bihar Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव में शिकवे-शिकायत के लिए पार्टियों ने शायरी का सहारा लेना शुरू कर दिया है. दोनों गठबंधन में टिकट बंटवारे को लेकर खींचतान के बीच संबंधित दलों के नेताओें ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर शायरी में अपनी बात रखी. किसी ने घटक दल पर वार किया, तो दूसरी ओर से पलटवार भी शायरी में ही हुई. आप भी शायरी का मजा लीजिए.

Bihar Election 2025| पटना, अनुराग प्रधान : महागठबंधन और एनडीए दोनों ही मोर्चे पर जोर-आजमाइश जारी है और पहले चरण के नामांकन की समयसीमा अब केवल 3 दिन दूर है. इस बीच, राजनीतिक शेर-ओ-शायरी का सिलसिला भी जोर पकड़ने लगा है. इस बार का चुनाव शायराना रंग ले रहा है. बिहार के कई बड़े नेता इस बार के चुनाव में शायरी के शब्दों के जरिये अपनी बात इशारों-इशारों में कह रहे हैं. खास बात यह है कि एनडीए और महागठबंधन दोनों खेमे के नेता अपनी बात कहने के लिए शायरी का सहारा ले रहे हैं.

17 अक्टूबर तक ही होगा पहले चरण का नामांकन

नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 17 अक्टूबर को है. यानी अब सिर्फ 3 दिन नामांकन होंगे. अब तक सीटों को लेकर राजनीतिक दलों में तकरार बनी रही. एनडीए में जहां छोटे घटक दल अपने लिए ज्यादा सीटों की मांग कर रहे हैं, तो महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल के साथ टिकट को लेकर कांग्रेस भी लगातार सख्त रवैया अपनाये हुए है. दोनों दलों के 2 नेता के बीच दोहे और शायरी के जरिये एक-दूसरे को नसीहत दे रहे हैं.

Bihar Election 2025: रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो छिटकाय…

आरजेडी और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद एक दूसरे से दोहे और शायरी में बात कर रहे हैं. मांझी के बाद आरजेडी सांसद राज्यसभा मनोज झा रहीम जी को याद कर रहे हैं. इसके जवाब में इमरान प्रतापगढ़ी ने भी आरजेडी को सुना दिया. मनोज झा ने एक्स पर लिखा, ‘रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो छिटकाय टूटे से फिर ना मिले, मिले गांठ पड़ि जाय, हर अवसर के लिए प्रासंगिक… जय हिंद’.

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पानी आंख में भर कर लाया जा सकता है…

इसके जवाब में इमरान प्रतापगढ़ी ने लिखा- ‘पानी आंख में भर कर लाया जा सकता है, अब भी जलता शहर बचाया जा सकता है.’ वहीं, कांग्रेस की डॉ रागिनी नायक ने एक्स पर लिखा, ‘खुसरो दरिया प्रेम का, उल्टी बा की धार, जो उतरो सो डूब गया, जो डूब गया सो पार. ‘ठगबंधन’ को हराने के लिए प्रासंगिक’.

आरजेडी-कांग्रेस में सीट बंटवारे पर नहीं बनी सहमति

सूत्रों के मुताबिक, आरजेडी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर सहमति अब तक नहीं बनी है. कांग्रेस अपनी पसंदीदा सीटों और कुल 60 सीटों पर अड़ी हुई है. तेजस्वी ने कांग्रेस नेताओं से कहा कि उन्हें वीआइपी और बाकी पार्टियों से बात करनी होगी. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान के जीजा और आरजेडी नेता अनिल कुमार साधु सीट शेयरिंग के लिए चल रहे घमासान के बीच एक पोस्ट किया, जिसमें एक फिल्मी गीत की पंक्तियां हैं. उन्होंने लिखा, ‘मेरे महबूब कयामत होगी, आज रुसवा तेरी गलियों में मोहब्बत होगी. मेरी नजरें तो गिला करती हैं, तेरे दिल को भी सनम तुझसे शिकायत होगी.’

जीतनराम मांझी ने की शायरी से शिकायत की शुरुआत

सबसे पहले केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संस्थापक जीतन राम मांझी ने शायराना अंदाज में एनडीए खेमे में अपनी पार्टी के लिए सीटों की डिमांड की थी. सीट शेयरिंग से पहले ही मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था-
‘हो न्याय अगर तो आधा दो,
यदि उसमें भी कोई बाधा हो,
तो दे दो केवल 15 ग्राम,
रखो अपनी धरती तमाम,
हम वही खुशी से खाएंगे,
परिजन पे असी ना उठायेंगे’

उपेंद्र कुशवाहा ने ‘X’ पर ‘बादलों की साजिश’ का जिक्र किया

एनडीए सीट शेयरिंग में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 6 सीटें मिली हैं. इतनी कम संख्या में सीटें मिलने से उपेंद्र कुशवाहा मायूस हैं. कुशवाहा ने भी अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए शायरी के शब्दों का प्रयोग किया है. उन्होंने एक्स पर लिखा- ‘आज बादलों ने फिर साजिश की, जहां मेरा घर था वहीं बारिश की. अगर फलक को जिद है बिजलियां गिराने की, तो हमें भी जिद है वहीं पर आशियां बसाने की.’

उपेंद्र ने कार्यकर्ताओं, टिकट चाहने वालों से माफी मांगी

इससे पहले उपेंद्र कुशवाहा ने लिखा था, ‘आप सभी से क्षमा चाहता हूं. आपके मन के अनुकूल सीटों की संख्या नहीं हो पायी. मैं समझ रहा हूं, इस निर्णय से अपनी पार्टी के उम्मीदवार होने की इच्छा रखने वाले साथियों सहित हजारों–लाखों लोगों का मन दुखी होगा…

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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