Coronavirus के बीच Swiggy और Zomato ने शुरू की Contactless Food Delivery

Swiggy Zomato contactless food delivery amid CoVID19: कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण फैलने से रोकने के लिए फूड डिलीवरी स्टार्टअप्स जोमैटो और स्विगी अपने ग्राहकों को 'कॉन्टैक्टलेस' फूड डिलीवरी की पेशकश कर रही हैं.

Swiggy Zomato contactless food delivery amid CoVID19: कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण फैलने से रोकने के लिए फूड डिलीवरी स्टार्टअप्स जोमैटो और स्विगी अपने ग्राहकों को ‘कॉन्टैक्टलेस’ फूड डिलीवरी की पेशकश कर रही हैं.

ऑर्डर करते समय ग्राहक पार्सल को डिलीवरी पार्टनर द्वारा दरवाजे पर ही छोड़ने का विकल्प चुन सकते हैं. डिलीवरी के बाद ग्राहक को पैकेज की फोटो भेजी जाएगी जहां से वे उसे पिक कर सकेंगे.

बताते चलें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) को वैश्विक महामारी (Pandemic) घोषित कर दिया है. दुनिया भर के कई हिस्सों में कारोबार और आम जिंदगी पर इसका काफी असर पड़ रहा है.

भारत की बात करें, तो यहां 81 लोग इस जानलेवा वायरस (CoVID 19) से पीड़ित पाये गए हैं और दो की मौत हो चुकी है.

सरकारी एजेंसियों सहित विभिन्न संस्थाएं लोगों को कोरोना वायरस को लेकर जागरूक कर रही हैं. कोरोना वायरस का प्रभाव कम हो, इसके लिए विभिन्न संस्थाएं अपने स्तर पर स्थिति को नियंत्रित करने की हर संभव कोशिश कर ही हैं.

इस बीच ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप स्विगी (Swiggy) और जोमैटो (Zomato) ने अपने डिलीविरी मेन को भी हिदायत दी है कि अगर उन्हें लगता है कि किसी भी किस्म के लक्षण हैं, वह खुद को आइसोलेट कर लें. उन्हें सलाह दी गई है कि किसी मदद के लिए कंपनी से संपर्क करें.

स्विगी और जोमैटो, दोनों रेस्तरां के संपर्क में हैं. साथ ही यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि फूड प्रोडक्ट्स को पैकेजिंग करते समय सभी नियमों का पालन करें.

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Author: Rajeev Kumar

Published by: Prabhat Khabar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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