TrueCaller ने डेटा प्रोटेक्शन पॉलिसी पर क्लियर किया अपना स्टैंड, जानें कितना सेफ है आपका डेटा

TrueCaller के सीईओ एलन मामेदी ने बताया, कंपनी की भारत में भी वृद्धि की बहुत गुंजाइश है. यहां हमारे इस समय 25 करोड़ सक्रिय यूजर्स हैं. ट्रूकॉलर ने कहा कि वह अनचाहे और स्पैम कॉल-मैसेज से बचाने के लिए अपनी सेवा के मूल पहलुओं पर अब भी केंद्रित है.

TrueCaller on Data Security: स्वीडन के कॉलर आईडेंटिफायर ऐप ‘ट्रूकॉलर’ के यूजर्स की संख्या भारत में 25 करोड़ को पार कर गई है. कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एलन मामेदी का मानना है कि कंपनी के लिए भारत में अब भी वृद्धि की बहुत गुंजाइश है.

एलन मामेदी ने कहा कि नये नियमनों के आने के बाद ट्रूकॉलर की ‘गोपनीयता-केंद्रित, अनुमति-आधारित प्रणाली’ में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है. मामेदी ने कहा कि कंपनी भारत में डेटा सुरक्षा के नये नियमों का पालन करेगी और ‘संचार को सुरक्षित और आसान बनाने’ के लिए सभी उपायों का स्वागत करती है.

मामेदी हाल ही में कंपनी के मुख्य रणनीति अधिकारी (सीएसओ) और सह-संस्थापक नमी जर्रिंगलम के साथ भारत आये थे. उन्होंने कहा कि कंपनी ‘कॉलर नेम प्रजेंटेशन’ पर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के सुझाव की प्रशंसा करती है और इस संबंध में भविष्य में भी सहयोग करेगी.

ट्राई ने परेशान करनेवाले कॉल और संदेशों का समाधान करने के लिए हाल ही में दूरसंचार कंपनियों को तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा था. पीटीआई – भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रूकॉलर ने कहा कि वह अनचाहे और स्पैम कॉल-मैसेज से बचाने के लिए अपनी सेवा के मूल पहलुओं पर अब भी केंद्रित है.

TrueCaller सीईओ एलन मामेदी ने बताया, कंपनी की भारत में भी वृद्धि की बहुत गुंजाइश है. यहां हमारे इस समय 25 करोड़ सक्रिय यूजर्स हैं. ट्रूकॉलर ने कहा कि वह अनचाहे और स्पैम कॉल-मैसेज से बचाने के लिए अपनी सेवा के मूल पहलुओं पर अब भी केंद्रित है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >