RC Renewal: 15 साल पुरानी कार की वैलिडिटी ऐसे बढ़ाएं बिना एजेंट के

RC Renewal: भारत में 15 साल पुरानी कार की RC Renewal अब मोबाइल एप्लीकेशन से आसान. फीस, टेस्ट और ग्रीन टैक्स की पूरी जानकारी यहां पढ़ें

By Rajeev Kumar | January 9, 2026 12:14 PM

RC Renewal: भारत में 15 साल से अधिक पुरानी कारों के लिए RC (Registration Certificate) का नवीनीकरण अब आम लोगों के लिए भी आसान हो गया है. सरकार ने डिजिटल प्रॉसेस और मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए इसे इतना आसान बना दिया है कि वाहन मालिक खुद ही आवेदन कर सकते हैं. यह खबर उन लाखों यूजर्स के लिए अहम है जिनकी गाड़ियों की वैधता खत्म हो चुकी है और जो एजेंटों पर निर्भर नहीं रहना चाहते.

फिटनेस टेस्ट पास करना जरूरी

भारत में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत निजी कारों की वैधता 15 साल तक तय है. इसके बाद वाहन को सड़क पर चलाने के लिए फिटनेस टेस्ट पास करना अनिवार्य होता है. पहले यह प्रक्रिया लंबी और एजेंट-निर्भर मानी जाती थी, लेकिन अब डिजिटल प्लैटफॉर्म और ऑनलाइन फीस पेमेंट से यह पारदर्शी और तेज हो गई है.

बिचौलिये की भूमिका लगभग खत्म

नये नियमों से वाहन मालिकों को राहत मिली है. अब उन्हें केवल RC, इंश्योरेंस, PUC और पहचान पत्र लेकर RTO जाना होता है. फीस भी ऑनलाइन जमा हो जाती है, जिससे नकद लेन-देन और दलालों की भूमिका लगभग खत्म हो गई है. कुल खर्च लगभग ₹5,000-₹7,000 आता है, जिसमें फिटनेस फीस, RC Renewal फीस और ग्रीन टैक्स शामिल है.

यूजर-फ्रेंडली प्रॉसेस

डिजिटल एप्लीकेशन और “Vehicle Services” पोर्टल इस बदलाव की रीढ़ हैं. मोबाइल से अपॉइंटमेंट बुक करने और फीस भरने की सुविधा ने प्रक्रिया को यूजर-फ्रेंडली बना दिया है. नीति स्तर पर यह कदम ग्रीन टैक्स के जरिए प्रदूषण नियंत्रण और सड़क पर सुरक्षित वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में है.

डिजिटल प्रॉसेस से घटेगी एजेंट पर निर्भरता

ऑटो इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिटनेस टेस्ट से पुराने वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण स्तर पर निगरानी आसान होगी. वहीं, डिजिटल प्रॉसेस से एजेंट-निर्भरता घटेगी और यूजर्स का भरोसा बढ़ेगा. इंडस्ट्री ट्रेंड यह भी दिखा रहा है कि ग्रीन टैक्स से राज्यों को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिसे पर्यावरणीय योजनाओं में लगाया जा सकता है.

ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा

आने वाले समय में उम्मीद है कि फिटनेस टेस्टिंग सेंटर और भी डिजिटल होंगे, जहां रिपोर्ट तुरंत ऑनलाइन उपलब्ध होगी. साथ ही, सरकार ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स छूट और पुराने वाहनों पर सख्त नियम लागू कर सकती है.

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